दाऊजी का हुरंगा  

रंगों का प्रयोग

दाऊजी की होरी (होली) जितनी प्रसिद्ध है, उससे कहीं ज्यादा प्रसिद्ध 'दाऊजी का हुरंगा' है, जो धुलेंडी के अगले दिन दाऊजी महाराज के मंदिर प्रांगण में खेला जाता है। इस हुरंगा की खास बात होती है, इसमें प्रयोग होने वाले रंग, जो टेसू के फूलों को पानी की होदों में भिगोकर तैयार किया जाता है। मंदिर की छत पर गुलाल से भरी बोरियाँ रखी होती हैं, जिनके उड़ाने से मंदिर प्रांगण और दाऊजी का बातावरण पूरा होरीमय हो जाता है।[2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. होली- श्री दाऊजी महाराज का हुरंगा (हिन्दी) जागरण। अभिगमन तिथि: 03 मार्च, 2015।
  2. दाऊजी की होरी और हुरंगा (हिन्दी) जागरण जंक्शन। अभिगमन तिथि: 03 मार्च, 2015।

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