कुमार सानु  

कुमार सानु
कुमार सानु
पूरा नाम केदारनाथ भट्टाचार्य (मूल नाम)
प्रसिद्ध नाम कुमार सानु
जन्म 20 अक्टूबर, 1957
जन्म भूमि कोलकाता, पश्चिम बंगाल
अभिभावक पिता- पशुपति भट्टाचार्य
पति/पत्नी रीटा भट्टाचार्य, सलोनी
संतान तीन पुत्र- जेस्सी, जीको और जान; दो पुत्रियाँ- शन्नों और एना
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र गायिकी
पुरस्कार-उपाधि फिल्मफेयर अवार्ड (5 बार), 'पद्मश्री' (2009)
प्रसिद्धि पार्श्वगायक
नागरिकता भारतीय
व्यवसाय गायक, संगीत निर्देशक
रिकॉर्ड लेबल सोनी म्यूज़िक, टी-सिरीज़, टिप्स, सारेगामा
अन्य जानकारी कुमार सानू ने गायकी में अपने कॅरियर की शुरुआत 1986 में आई बांग्लादेशी फिल्म “तीन कन्या” से की, जिसके बाद वह अपना कॅरियर बनाने के लिए कोलकाता से मुंबई चले आये थे।
कुमार सानु, वास्तविक नाम- केदारनाथ भट्टाचार्य (अंग्रेज़ी: Kedarnath Bhattacharaya, जन्म- 20 अक्टूबर, 1957, कोलकाता, पश्चिम बंगाल) भारतीय सिनेमा के सर्वाधिक प्रसिद्ध और सफलतम पार्श्वगायकों में से एक हैं। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का 90 का दशक कुमार सानू की आवाज के लिए जाना जाता था। इस दौर में कुमार सानू के एक के बाद एक सुपरहिट गाने आये, जो आज भी सुने जाते हैं। इसी कारण उनका नाम हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे पसंदिता गायकों की सूची में रखा जाता हैं। करीब 20 हजार गानों का रिकॉर्ड बना चुके कुमार सानू ने कई भाषाओं में गीत गाए हैं और एक दिन में 28 गाने गा कर अपना नाम 'गिनीज बुक' में दर्ज करवाया है। वे प्लेबैक सिंगिंग की लीजैंड माने जाते हैं। कुमार सानु लगातार 5 बार फिल्मफेयर अवार्ड पा चुके हैं। 2009 में उनकी उत्कृष्ट गायकी के लिए उन्हें 'पद्मश्री' से भी सम्मानित किया गया।

परिचय

20 अक्टूबर, 1957 को कोलकता में जन्मे कुमार सानू का मूल नाम केदारनाथ भट्टाचार्य है। उनके पिता पशुपति भट्टाचार्य स्वयं भी एक अच्छे गायक और संगीतकार थे। उन्होंने ही कुमार सानू को गायकी और तबला बजाना सिखाया था। गायक किशोर कुमार को अपना आदर्श मानने वाले कुमार सानू ने गायकी में अपना खुद का अलग अंदाज़ बनाये रखा है। कुमार सानू के घर पर शुरू से ही संगीत की परंपरा थी। पिता शास्त्रीय संगीत के गुरु थे। मां भी गाती थीं। बड़ी बहन भी रेडियो में गाती हैंं और आज भी वह पिताजी का संगीत स्कूल चला रही हैं। इस तरह परिवार के माहौल ने कुमार सानू को एक अच्छा गायक बना दिया।[1]

करीब-करीब 350 से अधिक फिल्मों के लिए गा चुके कुमार सानू को सफलता वर्ष 1990 में बनी ‘आशिकी’ फिल्म से मिली थी, जिसके गीत सुपरहिट हुए और कुमार सानू लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच गए। बहरहाल, 'आशिकी' कुमार सानू की पहली फिल्म नहीं थी। उनको पहला ब्रेक जगजीत सिंह ने दिया था। उन्होंने उन्हें कल्याणजी-आनंदजी से मिलवाया, जिन्होंने 1989 में आई फिल्म ‘जादूगर’ के लिए कुमार सानू से गीत गवाया।

वैवाहिक जीवन

कुमार सानू अपने पिता और बड़ी बहन के साथ कोलकाता के सिंधी इलाके में रहा करते थे। उन्होंने अपने जीवन में दो विवाह किये हैं। पहला विवाह उन्होंने रीटा भट्टाचार्य से 80 के दशक में किया, जिससे उन्हें तीन पुत्र- जेस्सी, जीको और जान हुए। अपने कॅरियर के सफलतम दौर में उनका नाम बॉलीवुड अभिनेत्री मीनाक्षी से भी जुड़ा, जिसकी वजह से उन्हें तलाक का सामना करना पड़ा। मीनाक्षी और रीटा दोनों से अलग हो जाने के बाद कुमार सानु ने बीकानेर की लड़की सलोनी से विवाह किया, जिससे उन्हें दो पुत्रियाँ- शन्नों और एना हैं।[2]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कुमार सानु जीवनी (हिंदी) jivani.org। अभिगमन तिथि: 24 मार्च, 2020।
  2. कुमार सानु का जीवन परिचय (हिंदी) dilsedeshi.com। अभिगमन तिथि: 24 मार्च, 2020।
  3. तकनीक ने बेसुरों को भी गायक बना दिया (हिंदी) grihshobha.in। अभिगमन तिथि: 24 मार्च, 2020।

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