यूरेनियम  

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यूरेनियम

यूरेनियम आवर्त सारणी की एक अंतर्वर्ती श्रेणी, ऐक्टिनाइड श्रेणी का तृतीय तत्व है। इस श्रेणी में आंतरिक इलेक्ट्रॉनीय परिकक्षा (5 परिकक्षा) के इलेक्ट्रॉन स्थान लेते हैं। कुछ समय पहले तक इस तत्व को छठे अंतर्वर्ती समूह का अंतिम तत्व माना जाता था। यूरेनियम गहरे काले रंग का पिण्डो के रूप में मिलता है। यूरेनियम के प्रमुख अयस्क हैं- पिचब्लैड, सामरस्काइट तथा थोरियानाइट।

इतिहास

यूरेनियम तत्व की खोज 1789 ई. में क्लाप्रोट द्वारा पिचब्लेंड नामक अयस्क से हुई। उसने नए तत्व का नाम कुछ वर्ष पहले ज्ञात यूरेनस ग्रह के आधार पर यूरेनियम रखा। इस खोज के 52 वर्ष पश्चात्‌ पेलीगाट ने 1841 ई. में यह प्रदर्शित किया कि क्लाप्रोट द्वारा खोजा गया पदार्थ यूरेनियम टेट्राक्लोराइड के पोटैशियम द्वारा अपचयन से यूरेनियम धातु तैयार की।

1896 ई. में हेनरी बेक्वरेल ने यूरेनियम में रेडियों ऐक्टिवता की खोज की। उसके अनुसंधानों से ज्ञात हुआ कि यह गुण यूरेनियम के सब यौगिकों में तथा कुछ अन्य अयस्कों में भी वर्तमान है। इन निरीक्षणें के फलस्वरूप ही पिचब्लेंड अयस्क से रेडियम की ऐतिहासिक खोज संभव हो सकी थी।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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