आवर्त सारणी  

(2) इसके क्षैतिज खानों को आवर्त कहते हैं। आवर्त सारणी की सहायता से रसायन का अध्ययन बहुत सरल हो जाता है। अब तक प्रामाणिक रूप से ज्ञात 114 तत्वों का अध्ययन केवल नौ वर्गसूमहों के अध्ययन में बदल जाता है। चूंकि एक वर्गसमूह के सभी तत्वों के गुणों में समानता होती है, अतं: किसी एक तत्व के गुण का साधारण ज्ञान प्राप्त कर उस वर्गसमूह के अन्य तत्वों के गुणों का भी अध्ययन हो जाता है। जैस, Na के गुणों का अध्ययन यदि कर लीजिए तो उपवर्ग I A के अन्य तत्वों के गुणों का अध्ययन समान तौर पर हो जाता है।[2]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिन्दी विश्वकोश, खण्ड 1 |प्रकाशक: नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 451-55 |
  2. सं.ग्रं.-जे.डब्ल्यू. मेलर: ए कॉम्प्रिहेंसिव ट्रीटिज़ ऑन इनॉर्गेनिक ऐंड थ्योरेटिकल केमिस्ट्री (1922); ई. रैबिनोविटश और ई. थिलो: पीरिओडिशेस सिस्टेम (स्टुट गार्ट 1930)।

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