Notice: Undefined offset: 0 in /home/bharat/public_html/gitClones/live-development/bootstrapm/Bootstrapmskin.skin.php on line 41
भैरव (गण) - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर

भैरव (गण)  

Disamb2.jpg भैरव एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- भैरव (बहुविकल्पी)

भैरव पौराणिक महाकाव्य महाभारत के उल्लेखानुसार शिव के एक प्रकार के गण का नाम है, जो शंकर का अवतार माना जाता है।

  • पुराणों के अनुसार अ‍ंधक राक्षस की गदा से भगवान शिव के सिर के चार खण्ड हो गये थे और उनमें से रुधिर बहने लगा। इसी रक्त धारा से पाँच भैरवों की उत्पत्ति हुई थी।
  • तंत्र तथा पुराणों के अनुसार इनकी संख्या आठ कही जाती है, जिसकी उपासना तांत्रिक लोग अधिक करते हैं।
  • यह भगवान शंकर का महा उग्ररूप है तथा इस रूप में भगवान शिव का तांडव नृत्य प्रसिद्ध है।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=भैरव_(गण)&oldid=552145" से लिया गया