अरबी दर्शन  

अरबी दर्शन अरबी दर्शन का विकास चार मंजिलों से होकर गुजरा है: (1)यूनानी ग्रंथों का सामी तथा मुसलमानों द्वारा किया अनुवाद तथा विवेचन, यह युग अनुवादों का है; (2)बुद्धिपरक हेतुवादी युग; (3)धर्मपरक हेतुवादी युग; और इन सबके अंत में, (4)शुद्ध दार्शनिक युग। प्रत्येक युग का विवरण इस प्रकार है:

1. अनुवाद युग - जब अरबों का साम पर अधिकार हो गया तब उन्हें उन यूनानी ग्रंथों के अध्ययन का अवकाश मिला जिनका सामियों द्वारा सामी अथवा अरबी भाषा में अनुवाद हो चुका था। प्रसिद्ध सामी टीकाकार निम्निलिखित हैं:

(अ) प्रोबस (5वीं शताब्दी के आरंभ में) जिन्हें सबसे पहला टीकाकार माना गया है। इन्होंने अरस्तु के तार्किक ग्रंथों तथा पारफरे के 'इसागाग' की व्याख्या की।
(ख) रैसेन के निवासी सर्गियस (मृत्यु 536)जिन्होंने धर्म, नीतिशास्त्र, स्थूल-पदार्थ-विज्ञान, चिकित्सा तथा दर्शन संबंधी यूनानी ग्रंथों का अनुवाद किया।
(इ) एदीसा के निवासी याकोब (660-708), यह मुस्लिम शासन के पश्चात्‌ भी यूनानी धार्मिक तथा दार्शनिक ग्रंथों का अनुवाद करने में व्यस्त रहे। विशेषत: मंसूर के शासन में मुसलमानों ने भी अरबी भाषा में उन यूनानीशास्त्रों का अनुवाद करना आरंभ किया जिनका मुख्यत: संबंध पदार्थविज्ञान तथा तर्क अथवा चिकित्साशास्त्र से था।

9वीं शताब्दी में अधिकतर चिकित्सा संबंधी ग्रंथों के अनुवाद हुए परंतु दार्शनिक ग्रंथों के अनुवाद भी होते रहे। याहिया इब्ने वितृया ने अफलातून की 'तीयास' तथा अरस्तू के 'प्राणिग्रंथ', 'मनोविज्ञान', 'संसार' का अरबी भाषा में अनुवाद किया। अब्दुल्ला नईमा अलहिमाा ने अरस्तू के 'आभासात्मक' का तथा 'फिज़िक्स' और 'थियालॉजी' पर जान फियोयोनस कृत व्याख्या का अनुवाद किया। कोस्ता इब्ने लूक़ा (835) ने अरस्तू की 'फिज़िक्स' पर सिकंदरिया के अफरोदियस तथा फ़िलोपोनस लिखित व्याख्या का अनुवाद किया। इस समय के सर्वोत्तम अनुवादक अबूज़ैद हुसेन इब्ने, उनके पुत्र इसहाक़ बिन हुसेन (910) और उनके भतीजे हुवैश इब्नुल हसन थे। ये सब लोग वैज्ञानिक तथा दार्शनिक ग्रंथों का अनुवाद करने में व्यस्त थे।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिन्दी विश्वकोश, खण्ड 1 |प्रकाशक: नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 220-22 |
  2. सं.ग्रं. -(1) डी. बोर : हिस्ट्री ऑव फ़िलासफ़ी इन इस्लाम; (2) ओलोरी : अरैबिक थाट ऐंड इट्स प्लेस इन हिस्ट्री; (3) इक़बाल : डेवलपमेंट ऑव मेटाफ़िज़िक्स इन परशिया; (4) डोज़ी : स्पैनिश इस्लाम; (5) शुस्त्री : आउटलाइन ऑव इस्लामिक कल्चर; (6) मैकडानल्ड : डेवलपमेंट ऑव मुस्लिम थियोलॉजी, जूरिसप्रूडेंस ऐंड कांस्टिट्यूशनल थियरी; (7) लैबी : सोशियोलॉजी ऑव इस्लाम।

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