शिवनाथ शास्त्री  

शिवनाथ शास्त्री (जन्म- 1847, 24 परगना जिला, बंगाल; मृत्यु- 30 सितंबर, 1919) ब्रह्म समाजी नेता और समाज सुधारक थे। उन्होंने अपने साथियों के सहयोग से 'समदर्शी नामक' संगठन बना कर मूर्ति पूजा का, जातिसूचक प्रथाओं का, सरकारी नौकरी का, और 21 वर्ष से पहले लड़के के और 16 वर्ष से पहले लड़की के विवाह का विरोध किया।

परिचय

बंगाल के ब्रह्म समाजी नेता और समाज सुधारक शिवनाथ शास्त्री का जन्म 1847 ई. में बंगाल के 24 परगना जिले में हुआ था। संस्कृत में एम. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही अपने ब्रह्मसमाजी पिता के प्रभाव से शास्त्री भी ब्रह्मसमाजी बन गए। आरंभ में वे केशवचंद्र सेन के संगठन से जुड़े हुए थे, किंतु जब शास्त्री ने देखा कि सेन बालिकाओं की उच्च शिक्षा के विरोधी हैं तो शिवनाथ शास्त्री और उनके सहयोगियों ने 'समदर्शी नामक' संगठन बना लिया और समाज सुधार का कार्य करने लगे।[1]

समाज सुधारक

शिवनाथ शास्त्री समाज सुधारक के साथ-साथ ब्रह्मसमाजी थे। उन्होंने अपने साथियों के साथ 'समदर्शी नामक' संगठन बना कर समाज में व्याप्त कुप्रथाओं का विरोध करके सुधार लाने का कार्य किया। ये लोग मूर्ति पूजा, जातिसूचक प्रथा, सरकारी नौकरी, और 21 वर्ष से पहले लड़के के और 16 वर्ष से पहले लड़की के विवाह के विरोधी थे।

योगदान

शिवनाथ शास्त्री ने 1876 में सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस के सहयोग से ब्रिटिश शासन द्वारा पोषित जमीदारों के संगठन 'ब्रिटिश इंडिया एसोसिएशन' के समानांतर और विरोध में 'इंडियन एसोसिएशन' की स्थापना करने में बड़ा योगदान दिया। यह संस्था बाद में बंगाल प्रदेश में राजनीतिक जागृति की ज्योति बनी।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भारतीय चरित कोश |लेखक: लीलाधर शर्मा 'पर्वतीय' |प्रकाशक: शिक्षा भारती, मदरसा रोड, कश्मीरी गेट, दिल्ली |पृष्ठ संख्या: 843 |

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