जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान  

जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान
जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान
राज्य उत्तराखंड
नगर अल्मोड़ा नगर
स्थापना 1988-89
संबद्ध भारतीय वानिकी संस्थान
संबंधित लेख गोविन्द बल्लभ पन्त
मुख्यालय अल्मोड़ा
अन्य जानकारी संस्थान सामाजिक, पारिस्थितिक, आर्थिक और भौतिक प्रणालियों के बीच के जटिल संबंधों में संतुलन बनाए रखने का प्रयास करता है, जिससे भारतीय हिमालय क्षेत्र में स्थिरता बनाई रखी जा सके।

गोविन्द बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान (संक्षिप्त रूप- जीबीपीएनआईएचईएसडी) भारत के उत्तराखंड में अल्मोड़ा नगर में स्थित एक स्वायत्त संस्थान है। यह संस्थान सामाजिक, पारिस्थितिक, आर्थिक और भौतिक प्रणालियों के बीच के जटिल संबंधों में संतुलन बनाए रखने का प्रयास करता है, जिससे भारतीय हिमालय क्षेत्र (आईएचआर) में स्थिरता बनाई रखी जा सके। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए संस्थान प्राकृतिक और सामाजिक विज्ञानों के पारस्परिक संबंधों पर जोर देते हुए अपने सभी अनुसंधान और विकास कार्यक्रमों में बहु-विषयक और समग्र दृष्टिकोण का अनुसरण करता है।

स्थापना

इस संस्थान की स्थापना 1988-1989 में भारत रत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त के जन्म शताब्दी वर्ष के दौरान पर्यावरण और वन मंत्रालय, भारत सरकार के संस्थान के रूप में की गई थी। इसकी पहचान वैज्ञानिक ज्ञान को उन्नत करने, एकीकृत प्रबंधन रणनीति तैयार करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने और संपूर्ण भारतीय हिमालय क्षेत्र में पर्यावरण की दृष्टि से ठोस विकास सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी के रूप में की गई है।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. गोविन्द बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान (हिंदी) hi.quora.com। अभिगमन तिथि: 08 मई, 2020।

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=जी.बी._पंत_राष्ट्रीय_हिमालयी_पर्यावरण_एवं_सतत_विकास_संस्थान&oldid=645911" से लिया गया