"लक्ष्मण झूला": अवतरणों में अंतर
भारत डिस्कवरी प्रस्तुति
व्यवस्थापन (वार्ता | योगदान) छो (Text replace - "॰" to ".") |
व्यवस्थापन (वार्ता | योगदान) छो (Text replace - "==सम्बंधित लिंक==" to "==संबंधित लेख==") |
||
पंक्ति 9: | पंक्ति 9: | ||
*कहा जाता है कि गंगा नदी को पार करने के लिए लक्ष्मण ने इस स्थान पर जूट का झूला बनवाया था। | *कहा जाता है कि गंगा नदी को पार करने के लिए लक्ष्मण ने इस स्थान पर जूट का झूला बनवाया था। | ||
*लक्ष्मण झूले (पुल) पर जब लोग चलते हैं तो यह झूलता हुआ प्रतीत होता है। | *लक्ष्मण झूले (पुल) पर जब लोग चलते हैं तो यह झूलता हुआ प्रतीत होता है। | ||
== | ==संबंधित लेख== | ||
{{उत्तराखंड के पर्यटन स्थल}} | {{उत्तराखंड के पर्यटन स्थल}} | ||
[[Category:पर्यटन_कोश]] | [[Category:पर्यटन_कोश]] |
18:36, 14 सितम्बर 2010 का अवतरण

Laxman Jhula, Rishikesh
- गढ़वाल, उत्तरांचल में हिमालय पर्वतों के तल में बसे ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला प्रमुख पर्यटन स्थल है।
- ऋषिकेश से 5 किलोमीटर आगे एक झूला है, इस झूले को लक्ष्मण झूले के नाम से जाना जाता है।
- लोहे के मजबूत रस्सों, एंगलों, चद्दरों आदि में बंधा व कसा हुआ लक्ष्मण झूला (पुल) गंगा के प्रवाह से 70 फुट ऊँचा स्थित है।
- गंगा नदी के एक किनारे को दूसरे किनारे से जोड़ता लक्ष्मण झूला ऋषिकेश की खास पहचान है।
- पूर्व में यह झूला लक्ष्मण जी द्वारा निर्मित था। कालान्तर में अर्थात् सन् 1939 ई. में इसे नया स्वरूप दिया गया।
- 450 फीट लंबे लक्ष्मण झूले के समीप ही लक्ष्मण और रघुनाथ मंदिर हैं।
- लक्ष्मण झूले पर खड़े होकर आसपास के ख़ूबसूरत नजारों का आनंद लिया जा सकता है।
- कहा जाता है कि गंगा नदी को पार करने के लिए लक्ष्मण ने इस स्थान पर जूट का झूला बनवाया था।
- लक्ष्मण झूले (पुल) पर जब लोग चलते हैं तो यह झूलता हुआ प्रतीत होता है।
संबंधित लेख