कुलांदेई फ्रांसिस  

कुलांदेई फ्रांसिस
कुलांदेई फ्रांसिस
पूरा नाम कुलांदेई फ्रांसिस
जन्म 1946
जन्म भूमि ज़िला सलेम, तमिलनाडु
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र सामाजिक कार्यकर्ता
शिक्षा स्नातक
विद्यालय अन्नामलाई विश्वविद्यालय
पुरस्कार-उपाधि रेमन मैग्सेसे पुरस्कार
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी शुरुआत में कुलांदेई ने सूखे पर ध्यान लगाया। उनके ही प्रयास का नतीजा है कि आज कृष्णागिरी, धरमपुरी और वेल्लूर ज़िले में 300 से अधिक छोटे-छोटे बांध बने हैं।

कुलांदेई फ्रांसिस (अंग्रेज़ी: Kulandei Francis, जन्म- 1946, ज़िला सलेम, तमिलनाडु) सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्हें 2012 में 'रेमन मैग्सेसे पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। इनके प्रयास से हजारों महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होने और अपना परिवार चलाने में सक्षम हुईं।

परिचय

कुलांदेई फ्रांसिस का जन्म सन 1946 में भारतीय राज्य तमिलनाडु के सलेम ज़िले में हुआ था। इनके माता-पिता कृषि मजदूर थे और परिवार बेहद ग़रीब था। उनका अब तक का सफर काफ़ी उतार-चढ़ाव का रहा है। खेतिहर मजदूर के घर जन्मे कुलांदेई अपने परिवार के एकमात्र ऐसे सदस्य हैं, जिन्होंने स्नातक की डिगरी हासिल की। उन्होंने अन्नामलाई विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी। उनकी यह शिक्षा भी कर्ज लेकर पूरी हुई। स्नातक के बाद नौकरी करने के बजाय भूख, त्रासदी और प्रवास से जूझ रहे लोगों के लिए उन्होंने कुछ करने की ठानी और जुड़ गए बंगलुरु की 'होली क्रॉस सोसाइटी' से। कुलांदेई बताते हैं कि-

"घने जंगलों में 20-20 किलोमीटर तक जाकर संगठन का काम करना, वह भी दुर्गम रास्तों पर, आसान नहीं था। पर जब एक बार समाज सेवा का नजरिया स्पष्ट हो गया, तो इस सोसाइटी को छोड़कर मैंने तमिलनाडु के कृष्णागिरी से एकीकृत ग्रामीण विकास परियोजना की नींव रख दी।"

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. मैगसायसाय विजेता 'अज्ञात' योद्धा (हिंदी) amarujala.com। अभिगमन तिथि: 05 अक्टूबर, 2016।

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