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रंग पंचमी (होली) - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर

रंग पंचमी (होली)  

रंग पंचमी (होली)
रंगपंचमी (होली), मुम्बई
अन्य नाम महाराष्ट्र में होली को 'रंग पंचमी' कहते हैं।
अनुयायी हिंदू, भारतीय
उद्देश्य ब्रह्मांड के तेजोमय सगुण रंगों का पंचम स्रोत कार्यरत कर देवता के विभिन्ना तत्वों की अनुभूति लेकर उन रंगों की ओर आकृष्ट हुए देवता के तत्व के स्पर्श की अनुभूति लेना, रंगपंचमी का उद्देश्य है।
तिथि चैत्र कृष्ण पक्ष पंचमी
अनुष्ठान पूरनपोली नाम का मीठा स्‍वादिष्‍ट पकवान बनाया जाता है।
धार्मिक मान्यता त्रेता युग में अवतार निर्मित होने पर उसे तेजोमय, अर्थात विविध रंगों की सहायता से दर्शन रूप में वर्णित किया गया है।
गेर एक प्रकार का बैंड-बाजा-नाच-गाना युक्त जुलूस होता है जिसमें नगर निगम के फ़ायर फ़ाइटरों में रंगीन पानी भर कर जुलूस के तमाम रास्ते भर लोगों पर रंग डाला जाता है। जुलूस में हर धर्म के, हर राजनीतिक पार्टी के लोग शामिल होते हैं, प्राय: महापौर (मेयर) ही जुलूस का नेतृत्व करता है।
अन्य जानकारी महाराष्ट्र में इस मौके पर जगह-जगह पर दही हांडी फोड़ने का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

रंग पंचमी महाराष्ट्र में होली को कहते हैं। महाराष्ट्र और कोंकण के लगभग सभी हिस्सों में इस त्योहार को रंगों के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। मछुआरों की बस्ती में इस त्योहार का मतलब नाच-गाना और मस्ती होता है। यह मौसम शादी तय करने के लिए ठीक माना जाता है क्योंकि सारे मछुआरे इस त्योहार पर एक-दूसरे के घरों को मिलने जाते हैं और काफ़ी समय मस्ती में बीतता है। महाराष्ट्र में पूरनपोली नाम का मीठा स्‍वादिष्‍ट पकवान बनाया जाता है। महाराष्ट्र में इस मौके पर जगह-जगह पर दही हांडी फोड़ने का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। दही-हांडी की टोलियों के लिए पुरस्‍कार भी दिए जाते हैं। इस दौरान हांडी फोड़ने वालों पर महिलाएँ अपने घरों की छत से रंग फेंकती हैं।

उद्देश्य

चैत्र कृष्ण पंचमी को खेली जाने वाली रंगपंचमी आह्वानात्मक होती है। यह सगुण आराधना का भाग है। ब्रह्मांड के तेजोमय सगुण रंगों का पंचम स्रोत कार्यरत कर देवता के विभिन्ना तत्वों की अनुभूति लेकर उन रंगों की ओर आकृष्ट हुए देवता के तत्व के स्पर्श की अनुभूति लेना, रंगपंचमी का उद्देश्य है। पंचम स्रोत अर्थात पंच तत्वों की सहायता से जीव के भाव अनुसार विभिन्न स्तरों पर ब्रह्मांड में प्रकट होने वाले देवता का कार्यरत स्रोत। रंगपंचमी देवता के तारक कार्य का प्रतीक है। इस दिन वायुमंडल में उड़ाए जाने वाले विभिन्न रंगों के रंग कणों की ओर विभिन्न देवताओं के तत्व आकर्षित होते हैं। ब्रह्मांड में कार्यरत आपतत्वात्मक कार्य तरंगों के संयोग से होकर जीव को देवता के स्पर्श की अनुभूति देकर देवता के तत्व का लाभ मिलता है।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 1.3 रंगपंचमी : रंगों का पर्व (हिंदी) वेबदुनिया हिंदी। अभिगमन तिथि: 18 मार्च, 2014।
  2. महाराष्ट्र की रंगपंचमी (हिंदी) नमस्ते भारत। अभिगमन तिथि: 18 मार्च, 2014।
  3. पुष्पों की रंगपंचमी (हिंदी) छींटे और बौछारें। अभिगमन तिथि: 18 मार्च, 2014।
  4. रंगपंचमी-इन्दौर की विश्व-विख्यात गेर;जहाँ कोई नहीं ग़ैर (हिंदी) शब्द निधि। अभिगमन तिथि: 18 मार्च, 2014।

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