भोपाल  

भोपाल
Taj-Ull-Masjid.jpg
विवरण भोपाल शहर मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी है। भोपाल का मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों में बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान है।
राज्य मध्य प्रदेश
ज़िला भोपाल ज़िला
स्थापना सन 1722
भौगोलिक स्थिति उत्तर- 23° 27' - पूर्व -77° 4'
मार्ग स्थिति यह शहर सड़क द्वारा सांची से 66.7 किमी, इंदौर से 194 किमी, उज्जैन से 197 किमी, झांसी से 358 किमी, खजुराहो से 384 किमी, ग्वालियर से 402 किमी और दिल्ली से 713 किमी दूरी पर स्थित है।
प्रसिद्धि भोपाल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनेक ऐतिहासिक स्‍मारकों के लिए भी प्रसिद्ध है।
कब जाएँ नवम्बर से फ़रवरी
कैसे पहुँचें हवाई जहाज़, रेल, बस आदि से पहुँचा जा सकता है।
हवाई अड्डा राजा भोज विमानतल, भोपाल
रेलवे स्टेशन भोपाल जंक्शन, हबीबगंज
बस अड्डा नादरा बस स्टैंड, हलालपुर बस स्टैंड, पुतलीघर बस स्टैंड, जवाहर चौक बस स्टैंड
यातायात ऑटो रिक्शा, टैक्सी, मिनी बस
क्या देखें भोपाल पर्यटन
कहाँ ठहरें होटल, धर्मशाला, अतिथि ग्रह
क्या ख़रीदें लकड़ी से निर्मित सामान, चमड़े के बैग, जूट से बनी चीज़ें, काग़ज़ और पेपरमेशी के बने खिलौने
एस.टी.डी. कोड 755
ए.टी.एम लगभग सभी
Map-icon.gif गूगल मानचित्र, राजा भोज विमानतल

भोपाल शहर मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी है। भोपाल मध्य प्रदेश राज्य के मध्य भारत में स्थित है। भूतपूर्व रजवाड़े भोपाल का एक हिस्सा यह शहर मालवा पठार की उपजाऊ समतल भूमि पर स्थित है। भोपाल शहर का नाम राजा भोज द्वारा शहर की सीमाओं के अंदर निर्मित एक ताल, भोज ताल से लिया गया है। एक और मत यह है कि यह 'भोज पाल' या 'भोज के बांध' पर आधारित है। जिसने भोपाल शहर के ताल को उत्पन्न किया। भोपाल शहर 1722 से अस्तित्व में है, जब दोस्त मुहम्मद ने मौजूदा ताल की उत्तरी दिशा में फ़तेहगढ़ क़िले का निर्माण प्रारंभ किया। किसी भी अतिरेकी बहाव को नियंत्रित करने के लिए ऊपरी ताल (बड़ा तालाब) और निचला ताल एक जलसेतु से जुड़े हैं।

टेक्नोक्रेटस इन्स्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, भोपाल

स्थापना

बादशाह अकबर ने रानी दुर्गावती के गोंडवाना राज्य से अलग करके जागीर बना दिया। कुछ काल तक यह एक नवाब के अधीन रहा था और उसके पश्चात् 1761 ई. के बाद वह अर्ध-स्वतंत्र हो गया। लेकिन 1817 ई. में इसका शासक अंग्रेज़ो के साथ सहायक संधि करने के लिए बाध्य हुआ। 1948 ई. में भोपाल रियासत भारतीय गणराज्य में मिला ली गयी और संप्रति यह मध्य प्रदेश की राजधानी है।

इतिहास

भोपाल ब्रिटिश साम्राज्य का दूसरा सबसे बड़ा मुस्लिम प्रदेश था। इसके शासक ब्रिटिश शासन के प्रति निष्ठावान बने रहे और मराठों के साथ कई युद्ध भी लड़े। 1818 में स्थापित भोपाल एजेंसी ब्रिटीश सेंट्रल इंडिया एजेंसी का एक उपखंड था, जो पूर्व सामंती प्रदेशों राजगढ़, नरसिंहगढ़ और दूसरी कई रियासतों को समाविष्ट किए हुए था। आज़ादी के बाद भी भोपाल भारत की एक पृथक् रियासत बना रहा और 1949 में इसे भारत में मिला लिया गया। 1952 में नवाबों का निर्बाध शासन समाप्त हो गया और एक प्रधान आयुक्त का राज्य स्थापित किया गया। 1956 में यह मध्य प्रदेश राज्य के साथ मिल गया।

भोपाल गैसकाण्ड

2 और 3 दिसंबर 1994 की दरमियानी रात को भोपाल में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के कीटनाशक संयंत्र से मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) नाम की गैस सहित कई विषैली गैसों का 32 टन के आसपास रिसाव हुआ। मरने वालों की संख्या शुरू में 5000 के आसपास दर्ज की गयी थी। कई आंकड़ों के हिसाब से दो सप्ताह के भीतर 18000 मौतें हुईं और अनुमान है की गैस विषाक्तता से संबंधित रोगों से 8000 मौतें और हुईं। ग्रीनपीस संगठन ने अपने अनुमान में हताहतों की संख्या 20,000 के आसपास बताई। हर साल 3 दिसंबर को आधिकारक रूप से शोक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सभी भोपाल के समस्त सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं। भोपाल गैसकांड को अक्सर दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक दुर्घटना के रूप में पेश किया जाता है।

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=भोपाल&oldid=605043" से लिया गया