सिर्गेय चुप्रीनिन  

सिर्गेय इवानविच चुप्रीनिन

सिर्गेय इवानविच चुप्रीनिन (अंग्रेज़ी:Sergei Chuprinin, रूसी: Сергей Иванович Чупринин) रूसी साहित्यविद, आलोचक, टीकाकार और उन्नीसवीं-बीसवीं शताब्दी के लेखकों की रचनाओं के संकलनकर्ता और संस्कृति के वाहक हैं। इनकी अनेक रचनाओं और लेखों का हिन्दी में अनुवाद हो चुका है, जो ’साक्षात्कार’, ’वागर्थ’ और ’दस्तावेज़’ जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।

जीवन परिचय

सिर्गेय चुप्रीनिन का जन्म 1947 में अर्ख़ांगेल्स्क प्रदेश के वेल्स्क नगर में हुआ। 1971 में रस्तोफ़ विश्वविद्यालय के भाषा संकाय से एम.ए. करने के बाद इन्होंने सोवियत विज्ञान अकादमी के विश्व साहित्य संस्थान से 1976 में पीएचडी की और फिर 1993 में भाषाशास्त्र में डाक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। 1999 से सिर्गेय चुप्रीनिन प्रोफ़ेसर हैं। दिसम्बर 1993 से चुप्रीनिन ' ज़्नाम्या' ( परचम) नामक साहित्यिक पत्रिका के सम्पादक हैं। इसके साथ-साथ वे गोर्की साहित्य संस्थान में तत्याना बेक के साथ मिलकर सन 2005 तक नए कवियों के लिए कविता के सेमिनार आयोजित करते रहे।

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