लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय  

लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय का प्रतीक चिह्न

लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान की स्थापना भारतीय स्वाधीनता आंदोलन की पहली लड़ाई के शताब्दी वर्ष में 17 अगस्त, 1957 को एक महाविद्यालय के तौर पर की गई थी। यह विश्वविद्यालय ग्वालियर में स्थित है जहाँ झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में अपने प्राण न्यौछावर किये थे। शारीरिक शिक्षा तथा खेल के लिए किए गए प्रयासों को देखते हुए 1995 में इस संस्थान को विश्वविद्यालय के समकक्ष घोषित किया गया और 14.1.2009 से इसे लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा विश्वविद्यालय के नाम से पुकारा जाने लगा है। इस संस्थान को भारत सरकार से पूरी वित्तीय सहायता मिलती है।

संस्थान में उपलब्ध पाठ्यक्रम

संस्थान में उपलब्ध पूर्णकालिक पाठ्यक्रम निम्नलिखित हैं:-

  1. शारीरिक शिक्षा स्नातक (4 वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम) (बीपीई)
  2. शारीरिक शिक्षा परास्नातक, (दो वर्षीय मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम), (एमपीई), शारीरिक शिक्षा में एम.फिल, (एकवर्षीय पाठ्यक्रम)
  3. योग और वैकल्पिक चिकित्सा तथा खेल-कूद कोचिंग संस्थान पूर्व सैन्य-कर्मियों के लिए शारीरिक शिक्षा में प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा विश्वविद्यालय, कॉलेज तथा स्कूलों के शारीरिक शिक्षा अध्यापकों के लिए पुनश्चर्या पाठ्यक्रम भी चलाता है। संस्थान में विदेशी छात्र भी आते हैं।
  4. शारीरिक शिक्षा में पी.एस.डी.
अन्य पाठयक्रम

इसके अलावा विश्वविद्यालय में निम्नलिखित डिप्लोमा पाठयक्रम भी चलाए जाते हैं:

  1. सूचना टेक्नोलाजी
  2. खेल-कूद प्रबंधन


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध


टीका टिप्पणी और संदर्भ

बाहरी कड़ियाँ

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=लक्ष्मीबाई_राष्ट्रीय_शारीरिक_शिक्षा_विश्वविद्यालय&oldid=257612" से लिया गया