कन्हैयालाल नंदन  

कन्हैयालाल नंदन
Kanhailal Nandan.jpg
पूरा नाम कन्हैयालाल नंदन
जन्म 1 जुलाई, 1933
जन्म भूमि फतेहपुर ज़िले के परसदेपुर गांव, उत्तर प्रदेश
मृत्यु 25 सितंबर, 2010
कर्म-क्षेत्र हिन्दी कविता, कविसम्मेलन और पत्रकारिता
मुख्य रचनाएँ लुकुआ का शाहनामा, घाट-घाट का पानी, आग के रंग आदि।
भाषा हिन्दी
विद्यालय डी.ए.वी.कॉलेज, कानपुर, प्रयाग विश्वविद्यालय, इलाहाबाद और भावनगर विश्वविद्यालय
शिक्षा बी.ए, एम.ए, पीएच.डी
पुरस्कार-उपाधि पद्म श्री, भारतेन्दु पुरस्कार और नेहरू फेलोशिप पुरस्कार
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी पराग, सारिका और दिनमान जैसी पत्रिकाओं में बतौर संपादक अपनी छाप छोड़ने वाले श्री नंदन जी ने कई किताबें भी लिखीं।
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची
कन्हैयालाल नंदन की रचनाएँ

कन्हैयालाल नंदन (अंग्रेज़ी: Kanhaiya Lal Nandan, जन्म: 1 जुलाई, 1933 उत्तर प्रदेश - मृत्यु: 25 सितंबर, 2010 दिल्ली) वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार, मंचीय कवि और गीतकार के रूप में मशहूर रहे। नंदन ने पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में अपना अलग मुकाम बनाया। पराग, सारिका और दिनमान जैसी पत्रिकाओं में बतौर संपादक अपनी छाप छोड़ने वाले नंदन ने कई किताबें भी लिखीं। कन्हैयालाल नंदन को भारत सरकार के पद्मश्री पुरस्कार के अलावा भारतेन्दु पुरस्कार और नेहरू फेलोशिप पुरस्कार से भी नवाजा गया। [1]

जीवन परिचय

कन्हैयालाल नंदन का जन्म 1 जुलाई, 1933 में उत्तर प्रदेश के फतेहपुर ज़िले के परसदेपुर गांव में हुआ था। उनके परिवार में पत्नी और दो पुत्रियां हैं। उनकी एक पुत्री अमेरिका और दूसरी दिल्ली में ही रहती हैं। उनके एक क़रीबी सहयोगी के अनुसार नंदन स्वभाव से बेहद सरल और उच्च व्यक्तित्व के धनी थे। वह बतौर संपादक खोजी पत्रकारिता और नए प्रयोगों के पक्षधर थे। उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत मशहूर पत्रिका 'धर्मयुग' से की। पत्रकारिता में क़दम रखने से पहले अध्यापन से जुड़े थे।

शिक्षा

कन्हैयालाल नंदन ने डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर से बी.ए, प्रयाग विश्वविद्यालय, इलाहाबाद से एम.ए और भावनगर विश्वविद्यालय से पीएच.डी. किया। [2]

अध्यापन

चार वर्षों तक बंबई विश्वविद्यालय, बंबई से संलग्न कॉलेजों में हिन्दी-अध्यापन के बाद 1961 से 1972 तक 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया प्रकाशन समूह' के ‘धर्मयुग’ में सहायक संपादक रहे। 1972 से दिल्ली में क्रमश: ’पराग’, ’सारिका’ और दिनमान के संपादक रहे। तीन वर्ष 'दैनिक नवभारत टाइम्स' में फीचर सम्पादन किया। 6 वर्ष तक हिन्दी ‘संडे मेल’ में प्रधान संपादक रहने के बाद 1994 से ‘इंडसइंड मीडिया’ में निर्देशक रहे।

पत्रकारिता

  • 1961 से 1972 तक टाइम्स ऑफ़ इंडिया प्रकाशन समूह के धर्मयुग में सहायक संपादक।
  • 1972 से दिल्ली में क्रमश: पराग, सारिका और दिनमान के संपादक।
  • तीन वर्ष तक दैनिक नवभारत टाइम्स में फीचर संपाद।
  • 6 वर्ष तक हिन्दी संडे मेल में प्रधान संपादक।
  • 1995 से इंडसइंड मीडिया में निदेशक के पद पर।[3]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. आज की ख़बर (हिन्दी) (एच.टी.एम.एल)। । अभिगमन तिथि: 26 सितंबर, 2010।
  2. WPSLIDER (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 26 सितंबर, 2010।
  3. वेब दुनिया (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 26 सितंबर, 2010।
  4. स्वार्थ (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 26 सितंबर, 2010।
  5. सम्वेदना के स्वर (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 26 सितंबर, 2010।
  6. फुरसतिया (हिन्दी) (एचटीएम)। । अभिगमन तिथि: 26 सितंबर, 2010।
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