हौदेश्वरनाथ मंदिर  

हौदेश्वरनाथ मंदिर
हौदेश्वरनाथ मंदिर
विवरण शाहपुर गांव के समीप गंगा किनारे स्थित टीले पर कुछ लोगों को सफ़ाई करते समय शिवलिंग नुमा पत्थर दिखा। उसकी सफ़ाई कर लोग पूजा करने लगे। धीरे-धीरे इस शिवलिंग का स्वरूप बढ़ने लगा तथा लोगों की आस्था जुड़ती गई।
राज्य उत्तर प्रदेश
ज़िला प्रतापगढ़ ज़िला
देवी-देवता शिवलिंग
महत्त्व हर मंगलवार को यहाँ मेले का आयोजन होता है। रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूजा दर्शन के लिए यहाँ आते हैं। मलमास में श्रद्धालुओं व शिवभक्तों की भारी भीड़ होती है।
संबंधित लेख गंगा, जाह्नवी, भागीरथ, जह्नु ऋषि।
अन्य जानकारी 'हौदेश्वरनाथ मंदिर' वह स्थान है जहाँ, राजा भागीरथ द्वारा पृथ्वी पर लायी गंगा को जह्नु ऋषि ने पी लिया और बाद में भागीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर ऋषि ने गंगा को अपने जाँघ से प्रवाहित किया। गंगा का एक नाम जाह्नवी भी पड़ा।
अद्यतन‎

बाबा हौदेश्वरनाथ धाम उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुण्डा तहसील मुख्यालय से 12 किलोमीटर दक्षिण दिशा में माँ गंगा के पावनतट पर स्थित एक पुरातन मंदिर है।

इतिहास

शाहपुर गांव के समीप गंगा किनारे स्थित टीले पर कुछ लोग सफ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान शिवलिंग नुमा पत्थर दिखा। उसकी सफ़ाई कर लोग पूजा करने लगे। धीरे-धीरे इस शिवलिंग का स्वरूप बढ़ने लगा तथा लोगों की आस्था जुड़ती गई। राजा भागीरथ जब अपने पुरखों को तारने के लिए पतित पावनी माँ गंगा को लेकर जा रहे थे तो शाहपुर के समीप ही जाह्नवी ऋषि ध्यानमग्न थे। गंगा जी के वेग से उनका ध्यान भंग हुआ। क्रोधित हो उन्होंने माँ गंगा की धारा को रोक लिया। इससे राजा भागीरथ बहुत दु:खी हुए। उन्होंने जाह्नवी ऋषि को खुश करने के लिए बाबा हौदेश्वर नाथ धाम पर वृहद यज्ञ का आयोजन कराया था। उसमें सवा लाख मन हवन की आहुति दी गई थी। जिस स्थान पर वेदी बनाई गई थी वह स्थान आज बेती के नाम से विख्यात है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. जीतेश वैश्य

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