बिर्खा, राजनांदगाँव  

बिर्खा छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव ज़िले का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहाँ भगवान शिव का एक मंदिर है, जो पत्थर का बना है और जिसका मुख पूर्वी दिशा कि ओर है। यह गंदाई तहसील से 3 कि.मी. दूर है। पहाड़ियों से भरा यह स्थान बहुत खूबसूरत है।[1]

  • यहाँ स्थित शिव मंदिर भले ही आंशिक रूप से बर्बाद हो चुका है, लेकिन मुख्य मंदिर में अभी भी गर्भगृह और मण्डप मौजूद हैं।
  • इसके चारों ओर दीवारें हैं और गर्भगृह के योनिपिथा पर शिवलिंग रखा गया है।
  • मंदिर का प्रवेश द्वार विशेष रूप से इसके दरवाजे की चौखट सुंदर तरीके से सजाई गई है।
  • शिव की मूर्ति एक द्वारपाल की तरह दिखाई देती है, जबकि पृष्ठभूमि को घटा-पल्लव की आकृति से सजाया गया है।
  • मंदिर के परिसर में भैरव, नंदी और गणेश जी की मूर्तियां भी मौजूद हैं, जिन्हें भक्तों तथा श्रद्धालुओं द्वारा पूजा जाता है।
  • वास्तुकला की दृष्टि से इस मंदिर को एक उत्कृष्ट नमूना माना जाता है, जिसे 10-11वीं सदी के नागवंशी शासकों द्वारा बनाया गया था। यह उस अवधि में क्षेत्रीय मंदिरों की श्रेणी में हुए कला के अद्भुत काम को साबित करता है।


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. बिर्खा, राजनांदगाँव (हिन्दी) नेटिव प्लेनेट। अभिगमन तिथि: 01 फ़रवरी, 2015।

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=बिर्खा,_राजनांदगाँव&oldid=518682" से लिया गया