नियार्कस  

नियार्कस(ईसा पूर्व चौथी सदी) सिकंदर का समकालीन था। वह सिकंदर का मित्र, नौसेनाध्यक्ष तथा एक लेखक भी था। 'नियार्कस', 'आनेसिक्रिटस' और 'अरिस्टोवुलास' ये सभी लेखक सिकन्दर के समकालीन थे। इन लेखकों द्वारा जो भी विवरण तत्कालीन 'भारतीय इतिहास' से जुड़ा है, वह अपने में प्रमाणिक है।

  • नियार्कस ने लिखा है कि भारतीय श्वेत रंग के जूते पहनते हैं, जो कि अति सुन्दर होते हैं। इनकी एड़ियाँ कुछ ऊँची बनाई जाती हैं। हाथी दाँत के काम में भारतीय बहुत पहले से ही कुशल थे।
  • प्राचीन भारत में लिखने के लिए सूती कपड़े के खण्ड, संस्कृत में ‘पट’ का भी काफ़ी इस्तेमाल हुआ है। सिकन्दर के नौसेनाध्यक्ष नियार्कस का उल्लेख है कि भारतीय लोग अच्छी तरह कूटे गए कपास के कपड़े पर पत्र लिखते थे। कपड़े के छिद्रों को बन्द करने के लिए आटा, चावल या मांड या लेई अथवा पिघला हुआ मोम लगाकर परत सुखा लेते थे और फिर अकीक, पत्थर या शंख आदि से घोटकर उसे चिकना बनाते थे।
  • नियार्कस के बाद के लेखकों में महत्त्वपूर्ण था मेगस्थनीज, जो यूनानी राजा सेल्यूकस का राजदूत था।


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