नारायण शास्त्री मराठे  

नारायण शास्त्री मराठे
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पूरा नाम नारायण शास्त्री मराठे
जन्म 8 दिसंबर, 1877
जन्म भूमि कोलाबा ज़िला, महाराष्ट्र
मृत्यु 18 मार्च, 1956
कर्म भूमि भारत
भाषा संस्कृत
विशेष योगदान 'प्रज्ञा मठ' नामक विद्यालय की स्थापना
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी सन्न्यास लेने के बाद भी भारतीय शास्त्रों के और हिन्दू दार्शनिक विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए वे जीवन पर्यंत प्रयत्नशील रहे।
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

नारायण शास्त्री मराठे (अंग्रेज़ी: Narayan Shastri Marathe , जन्म- 8 दिसंबर, 1877, महाराष्ट्र; मृत्यु- 18 मार्च, 1956) एक प्रसिद्ध मराठी विद्वान् थे। नारायण शास्त्री ने संस्कृत भाषा और धर्मशास्त्रों का अध्ययन करने के लिए गृह त्याग दिया।

परिचय

प्रसिद्ध मराठी विद्वान् नारायण शास्त्री मराठे का जन्म 8 दिसंबर, 1877 ई. को महाराष्ट्र के कोलाबा ज़िले में हुआ था। उनकी आरंभिक शिक्षा घर पर हुई। वे ग्यारह वर्ष के थे तभी उन्होंने संस्कृत भाषा और धर्मशास्त्रों का अध्यपन करने के लिए गृह त्याग दिया। वे कई विद्वानों के पास रहे, पर सर्वाधिक प्रभाव उन पर प्रज्ञानानंद स्वामी का पड़ा। उनके पास रहकर नारायण शास्त्री ने वेदांत का अध्ययन किया।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

भारतीय इतिहास कोश |लेखक: सच्चिदानन्द भट्टाचार्य |प्रकाशक: उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान |पृष्ठ संख्या: 427 |


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