पुस्तक-वाचन कला  

जयमंगल के मतानुसार चौंसठ कलाओं में से यह एक कला है। पुस्तक का पठन सही उच्चारण और प्रमाण सहित करना।

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=पुस्तक-वाचन_कला&oldid=225786" से लिया गया