मोरारजी देसाई  

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मोरारजी देसाई
Morarji Desai.jpg
पूरा नाम मोरारजी रणछोड़जी देसाई
जन्म 29 फ़रवरी 1896
जन्म भूमि भदेली, गुजरात
मृत्यु 10 अप्रैल, 1995
मृत्यु स्थान नई दिल्ली, भारत
अभिभावक रणछोड़जी देसाई, मणिबेन
नागरिकता भारतीय
पार्टी कांग्रेस (1969), कांग्रेस-ओ (1969–1977), जनता पार्टी
पद भारत के चौथे प्रधानमंत्री
कार्य काल 24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979 तक
विद्यालय एलफिंस्टन कॉलेज
जेल यात्रा दो बार जेल यात्रा की
पुरस्कार-उपाधि भारत रत्न, तहरीक़-ए-पाकिस्तान

मोरारजी देसाई (अंग्रेज़ी: Morarji Desai, जन्म: 29 फ़रवरी 1896; मृत्यु: 10 अप्रैल, 1995 ) को भारत के चौथे प्रधानमंत्री के रूप में जाना जाता है। वह 81 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री बने थे। इसके पूर्व कई बार उन्होंने प्रधानमंत्री बनने की कोशिश की परंतु असफल रहे। लेकिन ऐसा नहीं हैं कि मोरारजी प्रधानमंत्री बनने के क़ाबिल नहीं थे। वस्तुत: वह दुर्भाग्यशाली रहे कि वरिष्ठतम नेता होने के बावज़ूद उन्हें पंडित नेहरू और लालबहादुर शास्त्री के निधन के बाद भी प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया। मोरारजी देसाई मार्च 1977 में देश के प्रधानमंत्री बने लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में इनका कार्यकाल पूर्ण नहीं हो पाया और चौधरी चरण सिंह से मतभेदों के चलते उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा।

जन्म

मोरारजी देसाई का जन्म 29 फ़रवरी 1896 को गुजरात के भदेली नामक स्थान पर हुआ था। उनका संबंध एक ब्राह्मण परिवार से था। उनके पिता रणछोड़जी देसाई भावनगर (सौराष्ट्र) में एक स्कूल अध्यापक थे। वह अवसाद (निराशा एवं खिन्नता) से ग्रस्त रहते थे, अत: उन्होंने कुएं में कूद कर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। पिता की मृत्यु के तीसरे दिन मोरारजी देसाई की शादी हुई थी। पिता को लेकर उनके हृदय में काफ़ी सम्मान था। इस विषय में मोरारजी देसाई ने कहा था-

"मेरे पिता ने मुझे जीवन के मूल्यवान पाठ पढ़ाए थे। मुझे उनसे कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा प्राप्त हुई थी। उन्होंने धर्म पर विश्वास रखने और सभी स्थितियों में समान बने रहने की शिक्षा भी मुझे दी थी।"

मोरारजी देसाई की माता मणिबेन क्रोधी स्वभाव की महिला थीं। वह अपने घर की समर्पित मुखिया थीं। रणछोड़जी की मृत्यु के बाद वह अपने नाना के घर अपना परिवार ले गईं। लेकिन इनकी नानी ने इन्हें वहाँ नहीं रहने दिया। वह पुन: अपने पिता के घर पहुँच गईं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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