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मोतीलाल (अभिनेता) - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर

मोतीलाल (अभिनेता)  

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मोतीलाल (अभिनेता)
मोतीलाल
पूरा नाम मोतीलाल
जन्म 4 दिसम्बर, 1910
जन्म भूमि शिमला
मृत्यु 1965
कर्म भूमि मुम्बई
कर्म-क्षेत्र अभिनेता
मुख्य फ़िल्में परख, वक्त, लीडर, देवदास (1955), जागते रहो आदि
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी नायकों में सर्वाधिक वेतन पाने वाले थे उस जमाने के लोकप्रिय अभिनेता मोतीलाल, उन्हें ढाई हजार रुपये मासिक वेतन के रूप में मिलते थे।

मोतीलाल (अंग्रेज़ी: Motilal, जन्म: 4 दिसम्बर, 1910 - मृत्यु: 1965) हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता थे। मोतीलाल ने अपने जादू से नायक और चरित्र अभिनेता के रूप में दो दशक तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। उन्होंने हिंदी फ़िल्मों को मेलोड्रामाई संवाद अदायगी और अदाकारी की तंग गलियों से निकालकर खुले मैदान की ताजी हवा में खड़ा किया।

जीवन परिचय

शिमला में 4 दिसंबर 1910 को जन्मे मोतीलाल राजवंश जब एक साल के थे, तभी पिता का साया सिर से उठ गया। चाचा ने परवरिश की, जो उत्तर प्रदेश में सिविल सर्जन थे। चाचा ने मोती को बचपन से जीवन को बिंदास अंदाज में जीने और उदारवादी सोच का नजरिया दिया। शिमला के अंग्रेज़ी स्कूल में शुरूआती पढ़ाई के बाद उत्तर प्रदेश और फिर दिल्ली में उच्च शिक्षा हासिल की। अपने कॉलेज के दिनों में वे हरफनमौला विद्यार्थी थे। नौसेना में शामिल होने के इरादे से मुंबई आए थे। अचानक बीमार हो गए, तो प्रवेश परीक्षा नहीं दे पाए। शानदार ड्रेस पहनकर सागर स्टूडियो में शूटिंग देखने जा पहुंचे। वहां निर्देशक कालीप्रसाद घोष एक सामाजिक फ़िल्म की शूटिंग कर रहे थे। अपने सामने स्मार्ट यंगमैन मोतीलाल को देखा, तो उनकी आंखें खुली रह गई। उन्हें अपनी फ़िल्म के लिए ऐसे ही हीरो की तलाश थी, जो बगैर बुलाए मेहमान की तरह सामने खड़ा था। उन्होंने अगली फ़िल्म 'शहर का जादू' (1934) में सविता देवी के साथ मोतीलाल को नायक बना दिया। तब तक पार्श्वगायन प्रचलन में नहीं आया था। लिहाजा मोतीलाल ने के. सी. डे के संगीत निर्देशन में अपने गीत खुद गाए थे। इनमें 'हमसे सुंदर कोई नहीं है, कोई नहीं हो सकता' गीत लोकप्रिय भी हुआ। सागर मूवीटोन उस जमाने में कलाकारों की नर्सरी थी। सुरेंद्र, बिब्बो, याकूब, माया बनर्जी, कुमार और रोज जैसे कलाकार वहां कार्यरत थे। निर्देशकों में महबूब ख़ान, सर्वोत्तम बदामी, चिमनलाल लोहार अपनी सेवाएं दे रहे थे। मोतीलाल ने अपनी शालीन कॉमेडी, मैनरिज्म और स्वाभाविक संवाद अदायगी के जरिए तमाम नायकों को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रचा। परदे पर वे अभिनय करते कभी नजर नहीं आए। मानो उसी किरदार को साकार रहे हो।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 1.3 मोतीलाल (हिंदी) (एच.टी.एम.एल) फ़िल्मजगत। अभिगमन तिथि: 16 दिसम्बर, 2012।
  2. मोतीलाल की जूता पॉलिश (हिंदी) प्रवक्ता डॉट कॉम। अभिगमन तिथि: 16 दिसम्बर, 2012।
  3. प्रख्यात फ़िल्म अभिनेता मोतीलाल को सिर्फ एक सिगरेट के कारण फ़िल्म छोड़नी पड़ी थी. (हिंदी) कुछ अलग सा। अभिगमन तिथि: 16 दिसम्बर, 2012।

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