1 'प्रतिनिध्यात्मक शासन पर विचार' ग्रंथ के लेखक का नाम है- (नागरिक शास्त्र ,पृ.सं-201,प्रश्न-6
2 "एक आधुनिक राज्य संविधान के बिना राज्य नहीं अपितु अराजकता का शासन है" यह किसका कथन है? (नागरिक शास्त्र ,पृ.सं-9,प्रश्न-28
3 राज्य की उत्पत्ति का दैवीय सिद्धांत। (नागरिक शास्त्र ,पृ.सं-21,प्रश्न-26
4 उदार लोकतंत्र का सबसे विशिष्ट लक्षण है, कि- (नागरिक शास्त्र ,पृ.सं-47,प्रश्न-18
5 "बाह्य संप्रभुता" की अवधारणा को किसने दिया है? (नागरिक शास्त्र ,पृ.सं-23,प्रश्न-6
6 निम्नलिखित में से किसने 'फॉसीवाद के सिद्धांत' का वर्णन, इस रूप में किया है कि वह समाजवाद का राष्ट्रवादी रूप है? (नागरिक शास्त्र ,पृ.सं-42,प्रश्न-16
7 "अधिकार कानूनों का तथा केवल कानूनों का फल है। बिना कानूनों के कोई अधिकार नहीं, कानूनों के खिलाफ कोई अधिकार नहीं तथा कानूनों से पहले कोई अधिकार नहीं।" यह कथन है- (नागरिक शास्त्र ,पृ.सं-68,प्रश्न-27
8 न्यायपालिका प्रशासन की निरंकुशता पर कैसे अंकुश लगा सकती है?(नागरिक शास्त्र ,पृ.सं-191,प्रश्न-8
9 ब्रिटेन में संविधान नहीं है, यह कथन किसका है? (नागरिक शास्त्र ,पृ.सं-200,प्रश्न-46
10 "राजनीतिक दल न्यूनाधिक संगठित उन नागरिकों का समूह होता है जो राजनैतिक इकाई के रूप में कार्य करता है और जिकसा उद्देश्य अपने मतदान बल के प्रयोग द्वारा सरकार पर नियंत्रण करना व अपनी सामान्य नीतियों को क्रियांवित करना होता है।" निम्नलिखित में से किस राजनीतिक विचारक ने दल की उपर्युक्त परिभाषा दी?