"सदस्य:लक्ष्मी गोस्वामी/अभ्यास4": अवतरणों में अंतर

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==इतिहास==
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<quiz display=simple>


{[[मराठा साम्राज्य]] की सबसे बहादुर महिला कौन थी?
|type="()"}
+[[ताराबाई]]
-येसूबाई
-सईबाई
-सोयराबाई
||ताराबाई, [[शिवाजी|शिवाजी प्रथम]] के द्वितीय पुत्र [[राजाराम शिवाजी|राजाराम]] की पत्नी थी। राजाराम की मृत्यु के बाद विधवा ताराबाई ने अपने 4 वर्षीय पुत्र शिवाजी तृतीय का राज्याभिषेक करवाकर [[मराठा]] साम्राज्य की वास्तविक संरक्षिका बन गई। ताराबाई एक अद्धितीय उत्साह वाली महिला थी।{{point}}अधिक जानकारी के लिए देखें:-[[ताराबाई]]
{किसने कहा है कि '[[मराठा|मराठों]] का उदय आकस्मिक अग्निकांड की भांति' हुआ?
|type="()"}
+ग्रांट डफ
-आंद्रेविक
-एम. जी. राणाडे
-जदुनाथ सरकार
{[[टीपू सुल्तान]] [[अंग्रेज़|अंग्रेज़ों]] के साथ युद्ध में कब मारे गये थे?
|type="()"}
-1857 ई.
-1793 ई.
+1799 ई.
-1769 ई.
{[[भारत]] में पहली मुद्रण मशीन की स्थापना किसने की?
|type="()"}
+पुर्तगालियों ने
-[[अंग्रेज़|अंग्रेज़ो]] ने
-फ्रांसीसियों ने
-[[डच|डचों]] ने
{किसने अपनी राजधानी [[मुर्शिदाबाद]] से [[मुंगेर]] स्थानान्तरित की?
|type="()"}
-अलीवर्दी ख़ाँ
-[[सिराजुद्दौला]]
-[[मीर ज़ाफ़र]]
+[[मीर क़ासिम]]
||मीर क़ासिम, मीर ज़ाफ़र से अधिक योग्य तथा अधिक दृढ़ व्यक्ति था। उसने [[मालगुज़ारी]] की वसूली के नियम अधिक कठोर बना दिए और राज्य की आय लगभग दूनी कर दी। उसने फ़ौज का भी संगठन किया और [[कलकत्ता]] (वर्तमान कोलकाता) के अनुचित हस्तक्षेप से अपने को दूर रखने के लिए राजधानी [[मुर्शिदाबाद]] से उठाकर [[मुंगेर]] ले गया।{{point}}अधिक जानकारी के लिए देखें:-[[मीर क़ासिम]]
{[[अंग्रेज़|अंग्रेज़ो]] का सर्वाधिक विरोध किसने किया था?
|type="()"}
-[[राजपूत|राजपूतों]] ने
-[[मुग़ल|मुग़लों]] ने
-[[सिक्ख|सिक्खों]] ने
+[[मराठा|मराठों]] ने
||मराठा लोगों को 'महरट्टा' या 'महरट्टी' भी कहा जाता है। [[भारत]] के वे प्रमुख लोग, जो [[इतिहास]] में 'क्षेत्र रक्षक योद्धा' और [[हिन्दू धर्म]] के समर्थक के रूप में विख्यात हैं, इनका गृहक्षेत्र आज का मराठी भाषी क्षेत्र [[महाराष्ट्र]] राज्य है, जिसका पश्चिमी क्षेत्र समुद्र तट के किनारे [[मुंबई]] (भूतपूर्व बंबई) से [[गोवा]] तक और आंतरिक क्षेत्र पूर्व में लगभग 160 किमी. [[नागपुर]] तक फैला हुआ था।{{point}}अधिक जानकारी के लिए देखें:-[[मराठा|मराठों]]
{[[पंजाब]] के [[रणजीत सिंह|राजा रणजीत सिंह]] की राजधानी कहाँ थी?
|type="()"}
-[[अमृतसर]]
-रावलपिंडी
+[[लाहौर]]
-[[पेशावर]]
||[[चित्र:Jahangir-Tomb-Lahore.jpg|जहाँगीर का मक़बरा, लाहौर, पाकिस्तान|100px|right]]लाहौर पर 1768 ई. में सिक्खों का अधिकार हो गया और 1799 ई. में यह रणजीत सिंह के अधिकार में आ गया। रणजीत सिंह ने लाहौर को अपनी राजधानी बनाया। 1799 ई. में पंजाब केसरी रणजीत सिंह के समय में लाहौर को फिर एक बार पंजाब की राजधानी बनने का गौरव मिला।{{point}}अधिक जानकारी के लिए देखें:-[[लाहौर]]
{'नानू आसन' किसे कहा जाता था?
|type="()"}
+श्री नारायण गुरु
-सी. एन. मुदालियार
-इ. वी. रामास्वामी नायकर
-टी. एम. नायर
{कौन-सी घटना [[महाराष्ट्र]] में घटित हुई?
|type="()"}
-कोल विद्रोह
-रम्पा विद्रोह
+भील विद्रोह
-संथाल विद्रोह
{[[भीमराव आम्बेडकर]] की पढ़ाई-लिखाई में किसने बड़ा सहयोग दिया?
|type="()"}
-जूनागढ़ के नवाब ने
-मैसूर के महाराज ने
+बड़ौदा के महाराज ने
-नाभा के महाराज ने
{[[झांसी की रानी लक्ष्मीबाई]] का मूल नाम क्या था?
|type="()"}
+मणिकर्णिका
-जयश्री
-पद्मा
-[[अहल्या]]
{[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के संस्थापक कौन थे?
|type="()"}
-[[दादाभाई नौरोजी]]
-[[बाल गंगाधर तिलक]]
-ए.ओ.ह्यूम
+[[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]]
|| [[चित्र:Surendranath-Banerjee.jpg|100px|right|सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]] सुरेन्द्रनाथ बनर्जी का जन्म 10 नवम्बर, 1848 ई. में [[कलकत्ता]] के ब्राह्मण परिवार में हुआ था। ये [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के संस्थापकों में से एक और पार्टी के सम्मानित नेता थे। {{point}}अधिक जानकारी के लिए देखें:-[[सुरेन्द्रनाथ बनर्जी]]
{[[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस]] के साथ इंडियन एसोसिएशन का विलय कब हुआ था?
|type="()"}
-1885 ई.
+1886 ई.
-1892 ई.
-1895 ई.
{'शेर-ए-पंजाब' किसका उपनाम है?
|type="()"}
-बिपिन चन्द्र पाल
-[[सरदार भगतसिंह]]
+[[लाला लाजपत राय]]
-इनमें से कोई नहीं
||[[चित्र:Lala-Lajpat-Rai.jpg|लाला लाजपत राय|100px|right]]लाला लाजपत राय ने 1920 में [[कोलकाता|कलकत्ता]] में [[कांग्रेस]] के एक विशेष सत्र में भाग लिया। वे [[महात्मा गाँधी|गांधी]] जी द्वारा [[अंग्रेज़|अंग्रेज़ों]] के ख़िलाफ़ शुरू किए गए असहयोग आंदोलन में कूद पड़े जो सैद्धांतिक तौर पर [[रॉलेक्ट एक्ट]] के विरोध में चलाया जा रहा था। सन 1920 में उन्होंने [[पंजाब]] में असहयोग आन्दोलन का नेतृत्व किया, जिसके कारण 1921 में आपको जेल हुई। इसके बाद लाला जी ने 'लोक सेवक संघ' की स्थापना की। लाला लाजपतराय के नेतृत्व में यह आंदोलन पंजाब में जंगल में आग की तरह फैल गया और जल्द ही वे 'पंजाब का शेर या पंजाब केसरी' जैसे नामों से पुकारे जाने लगे।{{point}}अधिक जानकारी के लिए देखें:-[[लाला लाजपत राय]]
{[[महाराष्ट्र]] में 'गणपति उत्सव' आरंभ करने का श्रेय किसको प्राप्त है?
|type="()"}
-[[वल्लभभाई पटेल]]
+[[बाल गंगाधर तिलक]]
-[[शिवाजी]]
-[[विपिन चन्द्र पाल]]
||[[चित्र:Lokmanya-Bal-Gangadhar-Tilak.jpg|बाल गंगाधर तिलक|100px|right]]बाल गंगाधर तिलक के जीवनकाल के दौरान पुरानी परंपरा और संस्थाओं के प्रति जनता में नई जागरूकता प्रकट हो रही थी। इसके सबसे स्पष्ट उदाहरण थे पुरानी धार्मिक आराधना, [[गणेश चतुर्थी|गणपति-पूजन]] और [[शिवाजी]] के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर महोत्सवों का आयोजन।{{point}}अधिक जानकारी के लिए देखें:-[[बाल गंगाधर तिलक]]
</quiz>
|}
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12:11, 8 सितम्बर 2011 का अवतरण