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	<title>वाक्य परिवर्तन - अवतरण इतिहास</title>
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	<updated>2026-07-11T07:22:50Z</updated>
	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
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		<title>गोविन्द राम: 'वाक्य के अर्थ में किसी तरह का परिवर्तन किए बिना उस...' के साथ नया पृष्ठ बनाया</title>
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		<updated>2016-01-22T10:10:54Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&amp;#039;&lt;a href=&quot;/india/%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF&quot; title=&quot;वाक्य&quot;&gt;वाक्य&lt;/a&gt; के अर्थ में किसी तरह का परिवर्तन किए बिना उस...&amp;#039; के साथ नया पृष्ठ बनाया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;[[वाक्य]] के अर्थ में किसी तरह का परिवर्तन किए बिना उसे एक प्रकार के वाक्य से दूसरे प्रकार के वाक्य में परिवर्तन करना '''वाक्य परिवर्तन''' कहलाता है।&lt;br /&gt;
====साधारण वाक्यों का संयुक्त वाक्यों में परिवर्तन====&lt;br /&gt;
;साधारण वाक्य संयुक्त वाक्य&lt;br /&gt;
# मैं दूध पीकर सो गया। मैंने दूध पिया और सो गया।&lt;br /&gt;
# वह पढ़ने के अलावा अखबार भी बेचता है। वह पढ़ता भी है और अखबार भी बेचता है&lt;br /&gt;
# मैंने घर पहुँचकर सब बच्चों को खेलते हुए देखा। मैंने घर पहुँचकर देखा कि सब बच्चे खेल रहे थे।&lt;br /&gt;
# स्वास्थ्य ठीक न होने से मैं काशी नहीं जा सका। मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं था इसलिए मैं काशी नहीं जा सका।&lt;br /&gt;
# सवेरे तेज वर्षा होने के कारण मैं दफ्तर देर से पहुँचा। सवेरे तेज वर्षा हो रही थी इसलिए मैं दफ्तर देर से पहुँचा।&lt;br /&gt;
====संयुक्त वाक्यों का साधारण वाक्यों में परिवर्तन====&lt;br /&gt;
;संयुक्त वाक्य साधारण वाक्य&lt;br /&gt;
# पिताजी अस्वस्थ हैं इसलिए मुझे जाना ही पड़ेगा। पिताजी के अस्वस्थ होने के कारण मुझे जाना ही पड़ेगा।&lt;br /&gt;
# उसने कहा और मैं मान गया। उसके कहने से मैं मान गया।&lt;br /&gt;
# वह केवल उपन्यासकार ही नहीं अपितु अच्छा वक्ता भी है। वह उपन्यासकार के अतिरिक्त अच्छा वक्ता भी है।&lt;br /&gt;
# लू चल रही थी इसलिए मैं घर से बाहर नहीं निकल सका। लू चलने के कारण मैं घर से बाहर नहीं निकल सका।&lt;br /&gt;
# गार्ड ने सीटी दी और ट्रेन चल पड़ी। गार्ड के सीटी देने पर ट्रेन चल पड़ी।&lt;br /&gt;
====साधारण वाक्यों का मिश्रित वाक्यों में परिवर्तन====&lt;br /&gt;
;साधारण वाक्य मिश्रित वाक्य&lt;br /&gt;
# हरसिंगार को देखते ही मुझे गीता की याद आ जाती है। जब मैं हरसिंगार की ओर देखता हूँ तब मुझे गीता की याद आ जाती है।&lt;br /&gt;
#  राष्ट्र के लिए मर मिटने वाला व्यक्ति सच्चा राष्ट्रभक्त है। वह व्यक्ति सच्चा राष्ट्रभक्त है जो राष्ट्र के लिए मर मिटे।&lt;br /&gt;
#  पैसे के बिना इंसान कुछ नहीं कर सकता। यदि इंसान के पास पैसा नहीं है तो वह कुछ नहीं कर सकता।&lt;br /&gt;
# आधी रात होते-होते मैंने काम करना बंद कर दिया। ज्योंही आधी रात हुई त्योंही मैंने काम करना बंद कर दिया।&lt;br /&gt;
====मिश्रित वाक्यों का साधारण वाक्यों में परिवर्तन====&lt;br /&gt;
;मिश्रित वाक्य साधारण वाक्य&lt;br /&gt;
#  जो संतोषी होते हैं वे सदैव सुखी रहते हैं संतोषी सदैव सुखी रहते हैं।&lt;br /&gt;
#  यदि तुम नहीं पढ़ोगे तो परीक्षा में सफल नहीं होगे। न पढ़ने की दशा में तुम परीक्षा में सफल नहीं होगे।&lt;br /&gt;
# तुम नहीं जानते कि वह कौन है ? तुम उसे नहीं जानते।&lt;br /&gt;
# जब जेबकतरे ने मुझे देखा तो वह भाग गया। मुझे देखकर जेबकतरा भाग गया।&lt;br /&gt;
#  जो विद्वान है, उसका सर्वत्र आदर होता है। विद्वानों का सर्वत्र आदर होता है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{cite web |url=http://pustak.org/index.php/books/readbooks/4883/24 |title= वाक्य-प्रकरण|accessmonthday= 22 जनवरी|accessyear=2016 |last= |first= |authorlink= |format= html|publisher=भारतीय साहित्य संग्रह|language=हिन्दी }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{seealso|वाक्य|वाक्य भेद|वाक्य विश्लेषण}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{व्याकरण}}&lt;br /&gt;
[[Category:व्याकरण]]&lt;br /&gt;
[[Category:हिन्दी भाषा]][[Category:भाषा कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:हिंदी वर्तनी]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;br /&gt;
__NOTOC__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>गोविन्द राम</name></author>
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