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	<title>बाबूलाल मरांडी - अवतरण इतिहास</title>
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		<title>रविन्द्र प्रसाद: '{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ |चित्र=Babulal-Marandi.jpg |चित्र का ना...' के साथ नया पृष्ठ बनाया</title>
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		<updated>2020-03-09T09:42:06Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&amp;#039;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ |चित्र=Babulal-Marandi.jpg |चित्र का ना...&amp;#039; के साथ नया पृष्ठ बनाया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{{सूचना बक्सा राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|चित्र=Babulal-Marandi.jpg&lt;br /&gt;
|चित्र का नाम=बाबूलाल मरांडी&lt;br /&gt;
|पूरा नाम=बाबूलाल मरांडी&lt;br /&gt;
|अन्य नाम=&lt;br /&gt;
|जन्म=[[11 जनवरी]], [[1958]]&lt;br /&gt;
|जन्म भूमि=[[गिरिडीह]], [[बिहार]] (गिरिडीह अब [[झारखण्ड]] का हिस्सा है)&lt;br /&gt;
|मृत्यु=&lt;br /&gt;
|मृत्यु स्थान=&lt;br /&gt;
|मृत्यु कारण=&lt;br /&gt;
|अभिभावक=&lt;br /&gt;
|पति/पत्नी=शांति देवी&lt;br /&gt;
|संतान=दो पुत्र&lt;br /&gt;
|स्मारक= &lt;br /&gt;
|क़ब्र= &lt;br /&gt;
|नागरिकता=भारतीय&lt;br /&gt;
|प्रसिद्धि=राजनीतिज्ञ&lt;br /&gt;
|पार्टी=झारखण्ड विकास मोर्चा' (झाविमो)&lt;br /&gt;
|पद=प्रथम [[मुख्यमंत्री]], [[झारखण्ड]]&lt;br /&gt;
|कार्य काल='''वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री'''-[[1998]]-[[1999]]&amp;lt;br /&amp;gt;&lt;br /&gt;
'''मुख्यमंत्री'''-[[15 नवम्बर]], [[2000]] से [[18 मार्च]], [[2003]] तक&lt;br /&gt;
|शिक्षा=&lt;br /&gt;
|भाषा=&lt;br /&gt;
|विद्यालय=&lt;br /&gt;
|जेल यात्रा=&lt;br /&gt;
|पुरस्कार-उपाधि=&lt;br /&gt;
|विशेष योगदान=&lt;br /&gt;
|संबंधित लेख=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 1=&lt;br /&gt;
|पाठ 1=&lt;br /&gt;
|शीर्षक 2=&lt;br /&gt;
|पाठ 2=&lt;br /&gt;
|अन्य जानकारी=वर्ष [[2006]] में बाबूलाल मरांडी ने [[भाजपा]] के साथ साथ गिरीडिह लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने 'झारखण्ड विकास मोर्चा' नाम से नई पार्टी बनाई।&lt;br /&gt;
|बाहरी कड़ियाँ=&lt;br /&gt;
|अद्यतन=&lt;br /&gt;
}}'''बाबूलाल मरांडी''' ([[अंग्रेज़ी]]: ''Babulal Marandi'', जन्म- [[11 जनवरी]], [[1958]], [[गिरिडीह]]&amp;lt;ref&amp;gt;गिरिडीह अब [[झारखण्ड]] का हिस्सा है।&amp;lt;/ref&amp;gt;, [[बिहार]]) भारतीय राज्य [[झारखण्ड]] के प्रथम [[मुख्यमंत्री]] रहे हैं। एक सरकारी स्‍कूल अध्यापक से झारखण्ड के पहले मुख्‍यमंत्री बनने वाले बाबूलाल मरांडी को अब किसी विशेष परिचय की जरूरत नहीं है। कभी [[राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ|आर.एस.एस.]] के निष्‍ठावान स्‍वयंसेवक और समर्पित भाजपाई रहे बाबूलाल मरांडी ने [[2006]] में पार्टी से मनमुटाव के बाद 'झारखण्ड विकास मोर्चा' (झाविमो) नाम से अपनी एक नई पार्टी बना ली, जिससे वे लगातार दो बार कोडरमा लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने। [[1998]] के चुनाव में उन्होंने [[शिबू सोरेन]] को संथाल से हराकर चुनाव जीता था, जिसके बाद एनडीए की सरकार में [[बिहार]] के 4 सांसदों को कैबिनेट में जगह दी गई, इसमें से एक बाबूलाल मरांडी भी थे। उनके पुत्र अनूप मरांडी [[2007]] के झारखण्ड के गिरीडीह क्षेत्र में हुए नक्‍सली हमले में मृत्यु को प्राप्त हो गए थे।&lt;br /&gt;
==परिचय==&lt;br /&gt;
बाबूलाल मरांडी का जन्म 11 जनवरी, 1958 को गिरिडीह जिले के कोडिया बैंक गांव में हुआ। वह 'झारखण्ड विकास मोर्चा' (प्रजातंत्र) के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। [[अटल बिहारी वाजपेयी]] सरकार में वह वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री रहे। [[1989]] में उनका [[विवाह]] शांतिदेवी से हुआ। एक बेटा अनूप मरांडी था, जो [[2007]] में झारखंड के गिरीडीह क्षेत्र में हुए नक्‍सली हमले में मृत्यु को प्राप्त हो गया।&lt;br /&gt;
==राजनीतिक कॅरियर==&lt;br /&gt;
[[1991]] के आम चुनाव में [[भाजपा]] ने बाबूलाल मरांडी को दुमका (आरक्षित) सीट से टिकट दिया, लेकिन वह चुनाव हार गए। [[1996]] के चुनाव में भाजपा ने फिर से उन्हें टिकट दिया। हालांकि, इस चुनाव में वह शिबू सोरेन से मात्र 5 हजार मतों से हार गए। इसके बाद उन्हें भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया। [[1998]] में हुए आम चुनाव में भाजपा बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में [[झारखण्ड]] मेें 14 में से 12 लोकसभा सीटेे जीतने में कामयाब रही। उस वक्त झारखण्ड [[बिहार]] का ही हिस्सा था। इस चुनाव में वह शिवू सोरेन को हराने में कामयाब रहे। इस प्रदर्शन से बाबूलाल मरांडी के कॅरियर को ताकत मिली और बिहार से वाजपेयी सरकार में शामिल किए गए चार सांसदों में से वह एक थे।&lt;br /&gt;
==एनडीए का प्रथम शासन==&lt;br /&gt;
वर्ष [[2000]] में झारखण्ड को बिहार से अलग कर नया प्रदेश बनाया गया। यहां पर बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एनडी गठबंधन ने सरकार बनाई। राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार, बाबूलाल मरांडी ने प्रदेश के लिए कई विकास के कार्यक्रम शुरू किए। इनमें से एक था- सड़कों का विकास। हालांकि, बाबूलाल मरांडी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए और जदयू जैसे अहम सहयोगियों के दबाव के चलते उन्हें [[2003]] में अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। उनकी जगह [[अर्जुन मुंडा]] को प्रदेश का नया मुखिया बनाया गया। अर्जुन मुंडा के सीएम बनने के बाद बाबूलाल मरांडी के पार्टी नेतृत्व से मतभेद होने लगे। [[2004]] के आम चुनावों में उन्होंने कोडरमा लोकसभा सीट से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा। वह यहां से जीतने में कामयाब रहे, जबकि केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और रीटा वर्मा जैसे दिग्गज नेता अपने चुनाव हार गए। इस दौरान उनके पार्टी से मतभेद बढ़ते गए।&lt;br /&gt;
==झारखण्ड विकास मोर्चा==&lt;br /&gt;
वर्ष [[2006]] में बाबूलाल मरांडी ने [[भाजपा]] के साथ साथ गिरीडिह लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने 'झारखण्ड विकास मोर्चा' नाम से नई पार्टी बनाई। उनकी इस पार्टी में भाजपा के पांच विधायक भी शामिल हो गए। कोडरमा सीट के लिए हुए उपचुनाव में वह निर्दलीय के रूप में खड़े हुए और जीतने में कामयाब रहे। [[2009]] के आम चुनाव में वह कोडरमा लोकसभा सीट से अपनी नई पार्टी की टिकट से चुनाव लड़ा और जीतने में कामयाब रहे। हालांकि, [[2014]] के आम चुनाव में वह [[नरेन्द्र मोदी]] लहर में अपनी सीट बचाने में कामयाब नहीं रहे। प्रदेश की 14 में से 12 सीटें भाजपा जीतने में कामयाब रही। कोडरमा से भाजपा के रविंद्र कुमार रे चुनाव जीतने में कामयाब रहे।&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार=|प्रारम्भिक=प्रारम्भिक1 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
{{झारखण्ड के मुख्यमंत्री}}{{बारहवीं लोकसभा सांसद}}{{तेरहवीं लोकसभा सांसद}}{{चौदहवीं लोकसभा सांसद}}{{पंद्रहवीं लोकसभा सांसद}}{{भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्री}}&lt;br /&gt;
[[Category:मुख्यमंत्री]][[Category:झारखण्ड के मुख्यमंत्री]][[Category:झारखण्ड]]&lt;br /&gt;
[[Category:राजनीतिज्ञ]][[Category:राजनेता]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व]][[Category:जीवनी साहित्य]][[Category:राजनीति कोश]][[Category:चरित कोश]][[Category:प्रसिद्ध व्यक्तित्व कोश]][[Category:भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों की सूची]][[Category:राज्यसभा सांसद]][[Category:बारहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:तेरहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:चौदहवीं लोकसभा सांसद]][[Category:पंद्रहवीं लोकसभा सांसद]]&lt;br /&gt;
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		<author><name>रविन्द्र प्रसाद</name></author>
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