<?xml version="1.0"?>
<feed xmlns="http://www.w3.org/2005/Atom" xml:lang="hi">
	<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=%E0%A4%86%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3</id>
	<title>आप्तप्रमाण - अवतरण इतिहास</title>
	<link rel="self" type="application/atom+xml" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?action=history&amp;feed=atom&amp;title=%E0%A4%86%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3"/>
	<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%86%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3&amp;action=history"/>
	<updated>2026-06-29T19:47:34Z</updated>
	<subtitle>विकि पर उपलब्ध इस पृष्ठ का अवतरण इतिहास</subtitle>
	<generator>MediaWiki 1.41.1</generator>
	<entry>
		<id>https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%86%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3&amp;diff=630781&amp;oldid=prev</id>
		<title>यशी चौधरी: ''''आप्तप्रमाण''' आप्त पुरुष द्वारा किए गए उपदेश को 'शब...' के साथ नया पृष्ठ बनाया</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="https://bharatdiscovery.org/w/index.php?title=%E0%A4%86%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3&amp;diff=630781&amp;oldid=prev"/>
		<updated>2018-06-14T05:15:41Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;आप्तप्रमाण&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; आप्त पुरुष द्वारा किए गए उपदेश को &amp;#039;शब...&amp;#039; के साथ नया पृष्ठ बनाया&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नया पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;'''आप्तप्रमाण''' आप्त पुरुष द्वारा किए गए उपदेश को 'शब्द' प्रमाण मानते हैं।&amp;lt;ref&amp;gt;आप्तोपदेश: शब्द:; न्यायसूत्र 1।1।7&amp;lt;/ref&amp;gt; आप्त वह पुरुष है जिसने धर्म के और सब पदार्थों के यथार्थ स्वरूप को भली भांति जान लिया है, जो सब जीवों पर दया करता है और सच्ची बात कहने की इच्छा रखता है। न्यायमत में वेद ईश्वर द्वारा प्रणीत ग्रंथ है और ईश्वर सर्वज्ञ, हितोपदेष्टा तथा जगत्‌ का कल्याण करनेवाला है। वह सत्य का परम आश्रय होने से कभी मिथ्या भाषण नहीं कर सकता और इसलिए ईश्वर सर्वश्रेष्ठ आप्त पुरुष है। ऐसे ईश्वर द्वारा मानवमात्र के मंगल के निमित निर्मित, परम सत्य का प्रतिपादक वेद आप्तप्रमाण या शब्दप्रमाण की सर्वोत्तम कोटि है। गौतम सूत्र&amp;lt;ref&amp;gt;2।1।57&amp;lt;/ref&amp;gt; में वेद के प्रामाण्य को तीन दोषों से युक्त होने के कारण भ्रांत होने का पूर्वपक्ष प्रस्तुत किया गया है। वेद में नितांत मिथ्यापूर्ण बातें पाई जाती हैं, कई परस्पर विरुद्ध बातें दृष्टिगोचर होती हैं और कई स्थलों पर अनेक बातें व्यर्थ ही दुहराई गई हैं। गौतम ने इस पूर्वपक्ष का खंडन बड़े विस्तार के साथ अनेक सूत्रों में किया है&amp;lt;ref&amp;gt;1।1।58-61&amp;lt;/ref&amp;gt; वेद के पूर्वोक्त स्थलों के सच्चे अर्थ पर ध्यान देने से वेदवचनों का प्रामाण्य स्वत: उन्मीलित होता है। पुत्रेष्टि यज्ञ की निष्फलता इष्टि के यथार्थ विधान की न्यूनता तथा यागकर्ता की अयोग्यता के ही कारण है। 'उदिते जुहोति' तथा 'अनुदिते जुहोति' वाक्यों में भी कथमपि विरोध नहीं है। इनका यही तात्पर्य है कि यदि कोई इष्टिकर्ता सूयाँदय से पहले हवन करता है, तो उसे इस नियम का पालन जीवनभर करते रहना चाहिए। समय का नियमन ही इन वाक्यों का तात्पर्य है। बुद्ध तथा जैन आगम को नैयायिक लोग वेद के समान प्रमाणकोटि में नहीं मानते। वाचस्पति मिश्र का कथन है कि ऋषभदेव तथा बुद्धदेव कारुणिक सदुपदेष्टा भले ही हों, परंतु विश्व के रचयिता ईश्वर के समान न तो उनका ज्ञान ही विस्तृत है और उनकी शक्ति ही अपरिमित है। जयंत भट्ट का मत इससे भिन्न है। वे इनको भी ईश्वर का अवतारमानते हैं। अतएव इनके वचन तथा उपदेश भी आगमकोटि में आते हैं। अंतर इतना ही है कि वेद का उपदेश समस्त मानवों के कल्याणार्थ है, परंतु बौद्ध और जैन आगम कम मनुष्यों के लाभार्थ हैं। इस प्रकार आप्तप्रमाण के विषय में एकवाक्यता प्रस्तुत की जा सकती है।&amp;lt;ref&amp;gt;{{पुस्तक संदर्भ |पुस्तक का नाम=हिन्दी विश्वकोश, खण्ड 1|लेखक= |अनुवादक= |आलोचक= |प्रकाशक= नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी|संकलन= भारत डिस्कवरी पुस्तकालय|संपादन= |पृष्ठ संख्या=388 |url=}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{लेख प्रगति|आधार= |प्रारम्भिक=प्रारम्भिक2 |माध्यमिक= |पूर्णता= |शोध= }}&lt;br /&gt;
==टीका टिप्पणी और संदर्भ==&lt;br /&gt;
&amp;lt;references/&amp;gt;&lt;br /&gt;
==संबंधित लेख==&lt;br /&gt;
[[Category:दर्शन]][[Category:दर्शन कोश]]&lt;br /&gt;
[[Category:हिन्दी विश्वकोश]]&lt;br /&gt;
__INDEX__&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>यशी चौधरी</name></author>
	</entry>
</feed>