होम्योपैथी के लिए मेडिकल एसेसमेंट और रेटिंग बोर्ड  

आयुष राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाईक ने 7 जनवरी, 2019 को राज्यसभा में राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग बिल, 2019 को पेश किया। यह बिल होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल एक्ट, 1973 को रद्द करता है और ऐसी चिकित्सा शिक्षा प्रणाली का प्रावधान करता है जो निम्नलिखित सुनिश्चित करे-

  1. उच्च स्तरीय होम्योपैथिक मेडिकल प्रोफेशनल्स पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हों,
  2. होम्योपैथिक मेडिकल प्रोफेशनल्स नवीनतम चिकित्सा अनुसंधानों को अपनाएं,
  3. मेडिकल संस्थानों का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाए, और
  4. एक प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली मौजूद हो।

होम्योपैथी शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत यह यह मेडिकल संस्थानों की रेटिंग और मूल्यांकन की प्रक्रिया को निर्धारित करेगा और इसके पास न्यूनतम मानदंडों का पालन करने वाले संस्थानों पर मौद्रिक जुर्माना लगाने का अधिकार होगा। यह बोर्ड नए आयुर्विज्ञान संस्थानों की स्थापना की अनुमति भी देगा।



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