भूपेश गुप्ता  

कम्युनिस्ट आंदोलन से संपर्क

इंग्लैंड में ही भूपेश गुप्ता कम्युनिस्ट आंदोलन के संपर्क में आए। 1941 में स्वदेश लौटने पर गिरफ्तारी की आशंका से वे भूमिगत हो गए थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दिनों में जब लोकयुद्ध की पॉलिसी आई और कम्युनिस्ट पार्टी पर से प्रतिबंध हटा लिया गया तो भूपेश गुप्ता भी प्रकट रूप से काम करने लगे।

राजनैतिक जीवन

1952 में भूपेश गुप्ता देश की राज्यसभा के सदस्य चुने गए और 1980 तक निरन्तर उसके सदस्य बने रहे। एक सांसद के रूप में उनकी योग्यता का सब लोग सम्मान करते थे। भूपेश गुप्ता 'भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी' के 'पोलित ब्यूरो' के सदस्य थे। शोषण का निरंतर विरोध करने वाले भूपेश ने पूर्वी बंगाल में छोड़ी अपनी जमींदारी का कोई मुआवजा नहीं लिया।

निधन

भूपेश गुप्ता का 6 अगस्त, 1981 को मॉस्को, रूस में देहांत हो गया।


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. भारतीय चरित कोश |लेखक: लीलाधर शर्मा 'पर्वतीय' |प्रकाशक: शिक्षा भारती, मदरसा रोड, कश्मीरी गेट, दिल्ली |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 581 |

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