ढुढ़िया  

ढुढ़िया श्वेतांबर जैनों का एक भेद होता है। यह मूर्ति पूजा नहीं करते हैं और मुंह पर कपड़ा बांधे रहते हैं। जैन धर्म में प्रचलित ढुढ़िया शब्द का प्रयोग हिन्दी साहित्य में किया गया है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  • पुस्तक- पौराणिक कोश |लेखक- राणा प्रसाद शर्मा | पृष्ठ संख्या- 561

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