चांदी  

चांदी का उपयोग

  • चांदी का उपयोग सिक्के व आभूषण बनाने में, बर्तनों में चढ़ाने में, सिल्वर ब्रोमाइड (फोटोग्राफी में) बनाने में किया जाता है।
  • चांदी के द्वारा अमलगम बना कर इससे दर्पण बनाये जाते हैं व दाँतों में भरने के काम आता है।
  • चांदी से बनी मिश्रधातुयें अत्यधिक उपयोगी होती हैं।

सीसा अयस्क

सिल्वर ग्लाम्स, स्टीफैनाइट, रूबी सिल्वर, हार्न सिल्वर, अर्जेण्टाइट, पायराजाइराइट तथा औस्टाइट आदि चांदी के प्रमुख अयस्क हैं। इन अयस्कों से चांदी का निष्कर्षण, अमल, गमन, लेड व साइआनाइड प्रक्रमों के द्वारा किया जाता है।

उत्पादन

भारत में इसका बहुत कम उत्पादन होता है। आवश्यकता पूर्ति के लिए बेल्जियम, ब्रिटेन, इटली, पश्चिमी जर्मनी आदि देशों से इसका आयात करना पड़ता हैं इसके प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं- राजस्थान में जावर माइन्स, कर्नाटक में चित्रदुर्ग तथा बेलारी ज़िले, आन्ध्र प्रदेश में कडपा, गुंटूर तथा कुरनूल ज़िले, झारखण्ड में संथाल परगना तथा उत्तराखण्ड में अल्मोड़ा। पहले इसका उत्खनन तमिलनाडु के अन्नतपुर में भी किया जाता था जो अब समाप्त हो गया है। 1999-2000 के दौरान देश में कुल 53641 किग्रा. चांदी का उत्पादन हुआ।


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