इंदिरा गाँधी मेमोरियल ट्यूलिप उद्यान  

ट्यूलिप समारोह

प्रत्येक वर्ष यहाँ अप्रैल के पहले हफ्ते में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा 'ट्यूलिप समारोह' मनाया जाता है। 'इंदिरा गाँधी मेमोरियल ट्यूलिप उद्यान' में एक साथ 70 से भी ज्यादा प्रजातियों के क़रीब 13 लाख से भी ज्यादा रंग-बिरंगे ट्यूलिप देखने को मिल जाते हैं। वर्ष 2007 में पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से उत्सव शुरू किया गया। 2008 में इसका विधिवत उद्घाटन हुआ। साथ ही यहाँ दुनिया भर से ट्यूलिप की नये प्रजाति को लगाने का भी कार्य हो रहा है। एक अनुमान के अनुसार सिर्फ इस समारोह के समय क़रीब चार हज़ार पर्यटक प्रतिदिन यहाँ आते हैं। पूरे समारोह के दौरान यहाँ दो लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचते हैं। यह एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप समारोह माना जाता है। दिन-प्रतिदिन इस समारोह की प्रसिद्धि बढ़ती ही जा रही है।

शानदार बग़ीचा

'इंदिरा गाँधी मेमोरियल ट्यूलिप उद्यान' की गिनती विश्व के खूबसूरत बगीचों में की जाती है। हर वर्ष कई नई किस्मों के फूलों के पौधों को यहाँ लगाया जाता है। आम आदमी ही नहीं, फ़िल्म उद्योग भी इस बगीचे से प्रभावित होने से नहीं बच पाया है। यहाँ पर कई हिन्दी और दक्षिण भारतीय फ़िल्मों की शूटिंग हो चुकी है। हालैंड से लाये गये रंग-बिरंगे फूल यहाँ खिले रहते हैं। विश्वभर के पर्यटक इस उद्यान की सुंदरता की ओर आकर्षित होते हैं। यहाँ तक कि कश्मीर की घाटी से लौटने के बाद भी पर्यटकों के मस्तिष्क में ट्यूलिप बाग़ की सम्मोहित करने वाली सुंदरता की याद ताजा बनी रहती है।

प्रवेश शुल्क

'इंदिरा गाँधी मेमोरियल ट्यूलिप उद्यान' में प्रवेश के लिए बड़ों को 50 रुपये और बच्‍चों को 20 रुपये देने पड़ते हैं।


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