सिराजुद्दौला  

व्यवस्थापन (वार्ता | योगदान) द्वारा परिवर्तित 18:48, 6 जुलाई 2012 का अवतरण (Text replace - " जिन्दा" to " ज़िन्दा")

(अंतर) ← पुराना अवतरण | वर्तमान अवतरण (अंतर) | नया अवतरण → (अंतर)

सिराजुद्दौला अप्रैल 1753 ई. से जून 1757 ई. तक बंगाल का नवाब था। वह अलीवर्दी ख़ाँ का प्रिय दोहता तथा उत्तराधिकारी था, किन्तु नाना की गद्दी पर उसके दाबे का उसके चचेरे भाई शौकतजंग ने जो उन दिनों पूर्णिया का सूबेदार था, विरोध किया। सिंहासनासीन होने के समय सिराजुद्दौला की उम्र केवल 20 वर्ष की थी। उसकी बुद्धि अपरिपक्व थी। चरित्र भी निष्कलंक न था तथा उसे स्वार्थी, महात्वाकांक्षी और षड़यंत्रकारी दरबारी घेरे रहते थे। तो भी अंग्रेज़ों द्वारा उसे जैसा क्रूर तथा दुश्चरित्र चित्रित किया गया है, वैसा वह कदापि नहीं था। वह बंगाल की स्वाधीनता को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए मर मिटने वाले देश भक्तों में न था, जैसा कि कुछ राष्ट्रवादी इतिहासकारों ने सिद्ध करने का प्रयत्न किया है। कलकत्ता के सेठ अमीचन्द ने नवाब सिराजुद्दौला को अपदस्थ कर मीर ज़ाफ़र को बंगाल का नवाब बनाने के लिए कलकत्ता में अंग्रेज़ों और मुर्शिदाबाद में नवाब के विरोधियों के बीच गुप्त वार्ताएँ चलाईं।

अंग्रेज़ों से अप्रसन्न

सिराजुद्दौला का उद्यम अपने व्यक्तिगत हितों की रक्षा था, किन्तु चारित्रिक दृढ़ता के अभाव में उसे लक्ष्य प्राप्ति में असफलता मिली। वास्तव में वह न तो क़ायर था और न ही युद्धों से घबराता ही था। अपने मौसेरे भाई शौकतजंग से युद्ध में निर्णायक सफलता मिली और इसी युद्ध में शौकतजंग मारा गया। उसके अंग्रेज़ों से अप्रसन्न रहने के यथेष्ट कारण थे, क्योंकि अंग्रेज़ों ने उसकी आज्ञा के बिना कलकत्ता के दुर्ग की क़िलेबन्दी कर ली थी और उसके न्याय दण्ड के भय से भागे हुए राजा राजवल्लभ सेन के पुत्र कृष्णदास को शरण दे रखी थी। कलकत्ता पर उसका आक्रमण पूर्णतः नियोजित रूप में हुआ। फलतः केवल चार दिनों के घेरे (16 जून से 20 जून, 1726 ई.) के उपरान्त ही कलकत्ता पर उसका अधिकार हो गया।

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=सिराजुद्दौला&oldid=281830" से लिया गया