हलधरदास  

हलधरदास
हलधरदास
पूरा नाम हलधरदास
जन्म 1525 ई.
जन्म भूमि मुजफ्फरपुर ज़िले, बिहार
मृत्यु 1626 ई.
कर्म भूमि भारत
मुख्य रचनाएँ 'सुदामाचरित्र', 'श्रीमद्भागवत भाषा', 'शिवस्तोत्र' आदि।
भाषा फ़ारसी, संस्कृत
प्रसिद्धि कृष्ण भक्त कवि
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी सूरदास तथा हलधरदास दोनों नेत्रहीन हो गए थे। दोनों ने कृष्ण की सखीभाव से उपासना की थी। हलधरदास का कृष्ण भक्त कवियों में विशिष्ट स्थान है।
इन्हें भी देखें कवि सूची, साहित्यकार सूची

हलधरदास (जन्म-1525 ई.: मृत्यु-1626 ई.) बिहार के प्रसिद्ध कवियों में से एक थे। सूरदास के बाद ये कृष्ण की भक्ति-परंपरा के दूसरे प्रसिद्ध कवि थे। सूरदास और हलधरदास में जीवन और भक्ति को लेकर बहुत कुछ साम्य भी था।[1]

जन्म तथा शिक्षा

हलधरदास का जन्म बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर ज़िले के अंतर्गत पदमौल नामक ग्राम में सन 1525 ई. के आसपास हुआ था। शैशव में ही इनके माता-पिता की मृत्यु हो गई थी। अपने रज की छत्रछाया में ये पले। शीतला से पीड़ित होकर इन्होंने दोनों आँखें खो दीं। ये फ़ारसी और संस्कृत के अच्छे ज्ञाता थे तथा पुराण, शास्त्र और व्याकरण का भी इन्होंने अध्ययन किया था।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 हलधरदास (हिन्दी) भारतखोज। अभिगमन तिथि: 25 जुलाई, 2015।

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