सूर्य मंदिर प्रतापगढ़  

Disamb2.jpg सूर्य मंदिर एक बहुविकल्पी शब्द है अन्य अर्थों के लिए देखें:- सूर्य मंदिर (बहुविकल्पी)
सूर्य मंदिर प्रतापगढ़

भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद अंतर्गत के मानधाता विकासखंड के स्वरूपपुर गांव में स्थित सूर्य मंदिर काफ़ी प्राचीन है। यह मंदिर ऐतिहासिक सूर्य मंदिरों में से है जो लोगों की आस्था का प्रतीक बना है। मंदिर के आस-पास की गई खुदाई तथा उत्खनन के समय प्रतीक चिह्न और प्राचीन पत्थर एवं भग्नावशेष प्राप्त हुए थे। इन भग्न अवशेषों में कई बौद्ध कालीन मूर्तिया भी प्राप्त है। माना जाता है कि इस मंदिर का का निर्माण 8वीं-9वीं शताब्दी में हुआ था।

इतिहास

पुरातत्व विज्ञानियों का मानना है कि मंदिर का का निर्माण 8वीं-9वीं शताब्दी में हुआ था। लोक मान्यता है कि सम्भवतः मुसलमान शासकों ने भव्य मंदिर को ध्वस्त करा दिया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की प्रथम सर्वेयर जनरल अलेक्जेंडर कनिंघम ने सूर्य मंदिर तथा तुषारण विहार को देखा था।

प्रतिमा

मंदिर पर बेल, बूटे, पत्ते तथा देवताओं के चित्र खुदे है। मंदिर के ऊपर एक विशाल शिवलिंग है जिसकी चौड़ाई लगभग 4 फुट तथा लम्बाई 7 फुट है। शिवलिंग के उत्तर की ओर काले पत्थर में सूर्य देवता की मूर्ति खुदी है। मूर्ति को देखने से स्पष्ठ होता है कि एक हाथ में चक्र, पुष्प और शंख तथा दूसरा हाथ आशीर्वाद की स्तिथि में है। इसके अतिरिक्त मंदिर में भगवान बुद्ध की मूर्तियाँ हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1 बिस्वा =13611/4 वर्ग फीट

बाहरी कड़ियाँ

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=सूर्य_मंदिर_प्रतापगढ़&oldid=576628" से लिया गया