सिराजुद्दौला  

प्लासी का युद्ध

सिराजुद्दौला ने भी सेना एकत्र करके अंग्रेज़ों का मार्ग रोकने का प्रयास किया, किन्तु 23 जून, 1757 ई. को प्लासी के युद्ध में अपने मुसलमान और हिन्दू सेनानायकों के विश्वासघात के फलस्वरूप वह पराजित हुआ। प्लासी से वह राजधानी मुर्शिदाबाद को भागा और वहाँ पर भी किसी ने उसके रक्षार्थ शस्त्र न उठाया। वह पुनः भागने पर विवश हुआ, पर शीघ्र ही पकड़ा गया और उसका वध कर दिया गया। सिराजुद्दौला का पतन अवश्य हुआ किन्तु उसने क्लाइब, वाटसन, मीरजाफ़र और ईस्ट इण्डिया कम्पनी की भाँति, जो उसके पतन के षड़यंत्रों में सम्मिलित थे, न तो अपने किसी मित्र को ही कभी दिया और न ही अपने किसी शत्रु को।



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