सिद्धिदात्री नवम  

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सिद्धिदात्री नवम
सिद्धिदात्री देवी
विवरण नवरात्र के नवें दिन माँ दुर्गा के नवें स्वरूप 'सिद्धिदात्री' की पूजा होती है।
स्वरूप वर्णन माता सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं। इनका वाहन सिंह है। ये कमल पुष्प पर आसीन हैं। इनकी दाहिनी नीचे वाली भुजा में चक्र, ऊपर वाली भुजा में गदा और बांयी तरफ नीचे वाले हाथ में शंख और ऊपर वाले हाथ में कमल पुष्प है।
पूजन समय चैत्र शुक्ल नवमी को प्रात: काल
धार्मिक मान्यता माता सिद्धिदात्री की अनुकम्पा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था। इसी कारण वह संसार में 'अर्द्धनारीश्वर' नाम से प्रसिद्ध हुए।
अन्य जानकारी भगवती सिद्धिदात्री का ध्यान, स्तोत्र व कवच का पाठ करने से 'निर्वाण चक्र' जाग्रत हो जाता है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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