शिवखोड़ी  

शिवखोड़ी
शिवखोड़ी गुफ़ा
विवरण शिवखोड़ी गुफ़ा जम्मू - कश्मीर राज्य के 'रयसी ज़िले' में स्थित है। यह भगवान शिव के प्रमुख पूज्यनीय स्थलों में से एक है।
राज्य जम्मू और कश्मीर
ज़िला रयसी
मार्ग स्थिति शिवखोड़ी रनसू से 3.5 किमी., कटरा से 80 किमी., जम्मू से यह 110 किमी. की दूरी पर स्थित है।
कैसे पहुँचें हवाई जहाज़, रेल, बस आदि से पहुँचा जा सकता है।
हवाई अड्डा जम्मू हवाई अड्डा
रेलवे स्टेशन जम्मू रेलवे स्टेशन
यातायात ऑटो रिक्शा, टैक्सी, बस
सावधानी रनसू से शिवखोड़ी जाते समय यात्रियों को रेनकोट, टॉर्च आदि अपने पास रखने चाहिए।
अन्य जानकारी महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव खोडी में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। हर वर्ष यहाँ पर तीन दिन के मेले का आयोजन किया जाता है।
बाहरी कड़ियाँ आधिकारिक वेबसाइट
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शिवखोड़ी गुफ़ा जम्मू-कश्मीर राज्य के 'रयसी ज़िले' में स्थित है। यह भगवान शिव के प्रमुख पूज्यनीय स्थलों में से एक है। यह पवित्र गुफ़ा 150 मीटर लंबी है। शिवखोड़ी गुफ़ा के अन्‍दर भगवान शंकर का 4 फीट ऊंचा शिवलिंग है। इस शिवलिंग के ऊपर पवित्र जल की धारा सदैव गिरती रहती है। यह एक प्राकृतिक गुफ़ा है। इस गुफ़ा के अंदर अनेक देवी -देवताओं की मनमोहक आकृतियां है। इन आकृतियों को देखने से दिव्य आनन्द की प्राप्ति होती है। शिवखोड़ी गुफ़ा को हिंदू देवी-देवताओं के घर के रूप में भी जाना जाता है।

अर्थ

पहाड़ी भाषा में गुफ़ा को 'खोड़ी' कहते है। इस प्रकार पहाड़ी भाषा में 'शिवखोड़ी' का अर्थ होता है- भगवान शिव की गुफ़ा।

स्थिति

शिवखोड़ी तीर्थस्थल हरी-भरी पहाड़ियों के मध्य में स्थित है। यह रनसू से 3.5 किमी. की दूरी पर स्थित है। रनसू शिवखोड़ी का बेस कैम्प है। यहाँ से पैदल यात्रा कर आप वहाँ तक पहुंच सकते हैं। रनसू तहसील रयसी में आता है, जो कटरा से 80 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। कटरा वैष्णो देवी की यात्रा का बेस कैम्प है। जम्मू से यह 110 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। जम्मू से बस या कार के द्वारा रनसू तक पहुँच सकते है। वैष्णो देवी से आने वाले यात्रियों के लिए जम्मू-कश्मीर टूरिज़्म विभाग की ओर से बस सुविधा भी मुहैया कराई जाती है। कटरा से रनसू तक के लिए हल्के वाहन भी उपलब्ध हैं। रनसू गाँव रैयसी-राजौरी मार्ग से 6 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।

जम्मू से प्राकृतिक सौंदर्य का आंनद उठाकर शिवखोड़ी तक जा सकते है। जम्‍मू से शिवखोड़ी जाने के रास्ते में काफ़ी सारे मनोहारी दृश्य मिलते हैं, जो कि यात्रियों का मन मोह लेते है। कलकल करते झरने, पहाड़ी सुन्दरता आदि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. मन बार-बार कहता है चल शिवखोड़ी (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 29 अगस्त, 2011।
  2. शिवखोड़ी (हिन्दी) यात्रा सलाह। अभिगमन तिथि: 28 अगस्त, 2011।

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