शांता दुर्गा मंदिर, गोवा  

शांता दुर्गा मंदिर पणजी, गोवा की राजधानी से 33 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। यहाँ के देवता को स्थानीय लोग 'शांतेरी' भी कहते हैं। इन्हें शांतेरी इसलिए कहा जाता है, क्योंकि ये देवी श्रीविष्णु, शिवजी के बीच शांति करवाने प्रकट हुई थीं। देवी के दोनों हाथों में दो सांप हैं, जो विष्णु और शिव का प्रतीक हैं। ये कोंकण के सारस्वत लोगों, कर्हाडे ब्राह्मण और भंडारी लोगों की कुल देवी हैं।

इतिहास

शांता दुर्गा का आदि स्थल तिरहुत (मिथिला) है। जब परशुराम अपने यज्ञ के लिए तिरहुत से ब्राह्मणों को लाए, तब यह ब्राह्मण अपनी आराध्य मूर्ति भी साथ ले आए। यहां के कोसी गांव में दुर्गा जी की स्थापना हुई, किंतु पुर्तग़ाली जब यहां आए और अत्याचार करने लगे; तब देवी की मूर्ति कैवल्यपुर में लाकर स्थापित कर दी गई। अब इस स्थान को 'कवले' ग्राम कहा जाता है। देवी का मंदिर विशाल है और इसकी बड़ी मान्यता है। यहां सभी पर्व पर महोत्सव होते हैं।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कल्याण विशेषांक तीर्थ अंक, पृष्ठ संख्या 112

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