शम्सुद्दीन अतगा ख़ाँ  

शम्सुद्दीन अतगा ख़ाँ मुग़ल साम्राज्य में मंत्री के पद पर नियुक्त था। उसे बादशाह अकबर ने 1561 ई. में प्रधान मंत्री नियुक्त किया था। किंतु अकबर की दूध माँ माहम अनगा और उसके पुत्र अदहम ख़ाँ को यह नियुक्ति नागवार गुजरी। एक दिन अदहम ख़ाँ अतगा ख़ाँ के कार्यालय में घुस गया और कटार के वार से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद अदहम ख़ाँ ने अकबर पर भी हमला किया, किंतु अकबर के एक ही वार से वह धराशायी होकर नीचे गिर पड़ा। तदुपरांत क़िले की दीवार से अकबर के आदेश पर उसे नीचे फेंक दिया गया।

हत्या

16 मई, 1562 ई. की दोपहर को अकबर महल में आराम कर रहा था। शम्सुद्दीन अतगा ख़ाँ के मंत्री बनाये जाने से माहम अनगा बहुत नाराज़ थी। उसका नालायक़ बेटा अदहम ख़ाँ गुस्से से पागल हो गया था। अनगा के सम्बन्धी और हितमित्र डरने लगे कि शासन उनके हाथ में नहीं रहेगा, इसीलिए कुछ करना चाहिए। मुनअम ख़ाँ और अफ़सरों के साथ शम्सुद्दीन अतगा ख़ाँ दरबार में बैठा कार्य करने में लगा हुआ था। इसी समय वहाँ पर अदहम ख़ाँ आ धमका। शम्सुद्दीन अतगा ख़ाँ उसके सम्मान के लिए खड़ा हो गया, लेकिन उसे स्वीकार करने की जगह अदहम ख़ाँ ने कटार निकाल ली। उसके इशारे पर उसके दो आदमियों ने शम्सुद्दीन अतगा ख़ाँ पर वार किया। अतगा ख़ाँ वहीं आँगन में गिर पड़ा और मर गया।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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