शबरीमलै मंदिर  

शबरीमलै मंदिर
शबरीमलै मंदिर
विवरण 'शबरीमलै मंदिर' केरल के प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक है। इस प्रसिद्ध मंदिर का विवरण 'रामायण' में भी प्राप्त होता है।
राज्य केरल
ज़िला पतनमतिट्टा
धार्मिक मान्यता मान्यता है कि पंपा त्रिवेणी ही वह जगह है, जहाँ पर श्रीराम को उनके पिता राजा दशरथ के देहावसान की सूचना मिली थी और उन्होंने यहीं पर उनकी आत्मा की शान्ति के लिए पूजा की थी।
विशेष शबरीमलै मंदिर में दस वर्ष से पचास वर्ष तक की महिलाओं का प्रवेश निषेध है। अठारह सीड़ियों से होकर जाने का अधिकार भी केवल कठिन व्रत रखने वाले भक्तों के लिए ही है।
अन्य जानकारी मंदिर में भगवान की पूजा का एक प्रसिद्ध अंश है- घी का अभिषेक। श्रद्धालुओं द्वारा लाए गए घी को सबसे पहले एक सोपन में इकट्ठा किया जाता है, फिर इस घी से भगवान का अभिषेक किया जाता है।


शबरीमलै मंदिर या श्री अय्यप्पा मंदिर केरल राज्य के पतनमतिट्टा ज़िले में स्थित यहाँ के प्राचीनतम प्रख्यात मंदिरों में से एक माना जाता है। घनाच्छदित आकाश, पहाड़ियों से घिरी मनोहर घाटी, नीचे पंपा नदी की अठखेलियाँ करती निर्मल जलधारा, पहाड़ियों के बीच सर्प आकृति-सी सड़क, सिर पर इरुमुडी धारण किये भक्तों की टोली अपने इष्टदेव शबरीमलै के मंदिर की ओर जाती है। कहा जाता है कि इस मंदिर में भगवान की स्थापना स्वयं परशुराम ने की थी और यह विवरण 'रामायण' में भी मिलता है।

मान्यता

तीर्थ यात्री पंपा में आकर मिलते हैं। पंपा त्रिवेणी का महत्व उत्तर भारत के प्रयाग त्रिवेणी से कम नहीं है और इस नदी को भारत की सबसे पवित्र नदी गंगा के समान समझा गया है। भक्तजन पंपा त्रिवेणी में स्नान करते हैं और दीपक जलाकर नदी में प्रवाहित करते हैं। इसके बाद ही शबरीमलै की ओर प्रस्थान करते हैं।

पंपा त्रिवेणी में स्नान के बाद भक्तगण यहाँ गणपति की पूजा करते हैं। मान्यता है कि पंपा त्रिवेणी ही वह जगह है, जहाँ पर भगवान श्रीराम को उनके पिता राजा दशरथ के देहावसान की सूचना मिली थी और उन्होंने यहीं पर उनकी आत्मा की शान्ति के लिए पूजा भी की थी। गणपति पूजा के बाद तीर्थ यात्री चढ़ाई शुरू करते हैं। पहला पड़ाव है- 'शबरी पीठम'। कहा जाता है कि रामावतार युग में शबरी नामक भीलनी ने इसी स्थान पर तपस्या की थी। श्री अय्यप्पा के अवतार के बाद ही शबरी को मुक्ति मिली थी।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

संबंधित लेख

और पढ़ें

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=शबरीमलै_मंदिर&oldid=611337" से लिया गया