व्याध  

व्याध मूलत: संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका हिन्दी भाषा में अर्थ होता है शिकारी। इस शब्द का एक और लाक्षणिक अर्थ नीच या कमीना आदमी भी है। व्याध मांस बेचा करता था।

व्याध का परिचय

यह एक जंगल में रहा करता था। नित्य प्रति दिन वह जंगल में जाल लेकर जाता और पक्षियों को पकड़कर उन्हें मारकर बाज़ार में बेच दिया करता था। एक दिन वह जंगल में पक्षियों को पकड़ने गया, तभी बड़ी तेज आँधी उठी और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश शुरु हो गई। आँधी और वर्षा के प्रकोप से जंगल के सारे जीव त्रस्त हो उठे। ठंड से ठिठुरते और इधर उधर भटकते बहेलिये ने शीत से पीड़ित तथा भूमि पर पड़ी एक कबूतरी को देखा और उसे उठाकर अपने पिंजरे में डाल लिया। चारों और गहन अंधकार के कारण बहेलिया एक वृक्ष के नीचे पत्ते बिछाकर सो गया। वह जंगल में जाकर शिकार किया करता था।

व्याध और अर्जुन युद्ध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. व्याध को शाप (हिन्दी) अखंड ज्योति। अभिगमन तिथि: 24 दिसम्बर, 2015।

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