वी.टी. कृष्णमाचारी  

वी.टी. कृष्णमाचारी
वी.टी. कृष्णमाचारी
पूरा नाम वांगल थिरुवेंकटाचारी कृष्णमाचारी
जन्म 8 फ़रवरी, 1881
मृत्यु 14 फ़रवरी, 1964
मृत्यु स्थान मद्रास
अभिभावक पिता- वांगल थिरुवेनकट्टाचारी
पति/पत्नी रामलमल
संतान तीन पुत्र, दो पुत्रियाँ
नागरिकता भारतीय
पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
अन्य जानकारी 1913 से 1919 तक वी.टी. कृष्णमाचारी मद्रास बोर्ड के अतिरिक्त सचिव और 1919 से 1922 तक विजयनगरम एस्टेट के ट्रस्टी थे। इसके बाद वे 1927 में बड़ौदा के दीवान नियुक्त हुए।

वांगल थिरुवेंकटाचारी कृष्णमाचारी (अंग्रेज़ी: V. T. Krishnamachari, जन्म- 8 फ़रवरी, 1881; मृत्यु- 14 फ़रवरी, 1964, मद्रास) भारतीय सिविल सेवक और प्रशासक थे। उन्होंने सन 1927 से 1944 तक बड़ौदा के दीवान और तत्कालीन जयपुर राज्य के प्रधानमंत्री के पद पर 1946 से 1949 तक कार्य किया। वे 1961 से 1964 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे।

प्रारंभिक जीवन

वी.टी. कृष्णमाचारी का जन्म 8 फ़रवरी, 1881 को तत्कालीन करूर ज़िले में वांगल गांव में हुआ था। वह एक अमीर और शक्तिशाली व्यक्ति वांगल थिरुवेनकट्टाचारी (1837-1934) के चौथे और सबसे छोटे पुत्र थे। वी.टी. कृष्णमाचारी की प्रारंभिक शिक्षा वांगल में हुई और प्रेसीडेंसी कॉलेज, मद्रास और मद्रास लॉ कॉलेज से उन्होंने स्नातक की उपाधि प्राप्त की। शिक्षा पूरी होने पर कृष्णाचारी ने भारतीय सिविल सेवा के लिए योग्यता प्राप्त की। कृष्णाचारी जी ने रामलमल से 26 अप्रैल, 1895 को विवाह किया। इस दंपति के तीन बेटे और दो बेटियां थीं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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