लयराई देवी  

लयराई देवी का स्थान गोवा के शिरोग्राम में अत्यंत प्रसिद्ध है। यह वैष्णवी देवी हैं। इनका इधर इतना सम्मान है कि इस गांव में कोई भी घोड़े पर चढ़कर नहीं निकलता।

  • वैशाख शुक्ल पक्ष की पंचमी को यहां बड़ा मेला लगता है।
  • पंचमी की रात्रि में गांव के बाहर एक वट वृक्ष के नीचे लकड़ियों का ढेर एकत्र कर उसमें अग्नि लगा दी जाती है। कई घंटों में जब लकड़ियां जल जाती हैं, लपट और धुआं नहीं रहता, तब अंगारों के ऊपर से नंगे पैर वे सब लोग चलते हैं, जो उस दिन देवी की पूजा के लिए व्रत किए रहते हैं। ऐसे लोगों की संख्या कई सौ होती है। किसी का ना तो पैर जलता है और ना कोई कष्ट होता है। यह अद्भुत दृश्य देखने दूर-दूर के विधर्मी लोग भी आते हैं।[1]


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टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कल्याण विशेषांक तीर्थ अंक, पृष्ठ संख्या 313

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