लतावेष्ट  

लतावेष्ट गुजरात के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल द्वारका के दक्षिण भाग में स्थित एक पर्वत था, जो पंचवर्ण होने के कारण इन्द्रध्वज-सा प्रतीत होता था[1]-

'दक्षिणस्यां लतावेष्टः पंचवर्णों विराजते, इन्द्र केतुप्रतीकाशं पश्चिमां दिशमाश्रितः।'[2]
  • इस पर्वत के निकट 'मेरुप्रभ', 'तालवन' और 'पुष्पक' नामक वन थे-
'लतावेष्टं समन्तात तु मेरुप्रभवनं महत्, भाति तालवनं चैव पुष्पकं पुंडरीकवत्।'[3]


पन्ने की प्रगति अवस्था
आधार
प्रारम्भिक
माध्यमिक
पूर्णता
शोध

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ऐतिहासिक स्थानावली |लेखक: विजयेन्द्र कुमार माथुर |प्रकाशक: राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी, जयपुर |संकलन: भारतकोश पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 812 |
  2. महाभारत, सभापर्व 38, दक्षिणात्य पाठ
  3. महाभारत, सभापर्व 38

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"http://m.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=लतावेष्ट&oldid=506190" से लिया गया