लक्षद्वीप  

खाद्य व्यवस्था

लक्षद्वीप में पीने के पानी के स्रोत बिल्कुल नहीं हैं। वर्षा के पानी को ही इकट्ठा करके इस्तेमाल किया जाता है। कुछ द्वीपों में कुएं बनाए गए हैं, जिसमें वर्षा का पानी जमा किया जाता है और फिर काम में लिया जाता है। नारियल, केला, पपीता और कुछ जंगली पेड़-पौधों के अलावा लक्षद्वीप में कुछ भी नहीं पैदा होता। मिट्टी न होने की वजह से सब्जियां नहीं उगाई जा सकती हैं। खाद्य सामग्री, सब्जियां और ज़रूरत की दूसरी चीज़ें कोच्चि से ही मंगाई जाती हैं।

आवश्यक वस्तुओं का आयात

अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुएँ, पेट्रोलियम उत्पाद, सामान्य वस्तुएँ, स्टील, सीमेंट जैसी निर्माण सामग्री मालवाहक यान के द्वारा द्वीप पर मंगायी जाती हैं। विशेष चिकित्सा सुविधा और बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए लोगों को मुख्य भूमि पर ही जाना पड़ता है।

कृषि

यहाँ की प्रमुख फ़सल नारियल है और प्रतिवर्ष 580 लाख नारियल का उत्‍पादन होता है। यहाँ 2,598 हेक्‍टेयर भूमि में खेती की जाती है। यहाँ के नारियल को जैव उत्‍पाद (आर्गेनिक प्रोडक्‍ट) के रूप में जाना गया हैं। भारत में सर्वाधिक नारियल उत्‍पादन लक्षद्वीप में होता है तथा प्रति हेक्‍टेयर उपज 22,310 नारियल है और प्रत्‍येक पेड़ से प्रतिवर्ष औसतन 97 खजूरों का उत्‍पादन होता है। लक्षद्वीप के नारियलों में विश्‍व के अन्‍य नारियलों के मुक़ाबले सर्वाधिक तेल (72 प्रतिशत) पाया जाता है।

कदमत द्वीप समूह, लक्षद्वीप
Kadmat Island, Lakshadweep

मछली पालन

मछली पकड़ना यहाँ का एक अन्‍य प्रमुख व्यवसाय है। इसके चारों ओर के समुद्र में मछलियां बहुत अधिक पायी जाती हैं। लक्षद्वीप में प्रति व्‍यक्ति मछली की उपलब्‍धता देश में सर्वाधिक है। सन् 2006 में इस प्रदेश में 11,751 टन मछलियां पकड़ी गईं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. जनगणना 2011 के अनुसार
  2. Lakshadweep - At a Glance (अंग्रेज़ी) (पी.एच.पी) लक्षद्वीप की आधिकारिक वेबसाइट। अभिगमन तिथि: 23 अगस्त, 2017।

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