राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह  

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह
विवरण 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह' प्रत्येक वर्ष जनवरी महीने में मनाया जाता है। इस दिन यातायात सुरक्षा से सम्बंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
माह जनवरी
उद्देश्य इस सप्ताह में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा आम जनता को यातायात के नियमों की आधारभूत जानकारी दी जाती है।
विशेष सड़क दुर्घटनाओं में हताहतों की संख्‍या को न्‍यूनतम करने के लिए 'संयुक्त राष्ट्र' की योजना 'दशक 2011' लागू हो गई।
संबंधित लेख सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़क परिवहन
अन्य जानकारी सड़क सुरक्षा के मामलों में नीतिगत निर्णय लेने के लिए भारत सरकार ने शीर्ष संस्‍था के रूप में 'राष्‍ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद' का गठन किया है।


राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह (अंग्रेज़ी: National Road Safety Week) भारत में प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में मनाया जाता है। वर्ष 2015 में यह दिवस 11 जनवरी से 17 जनवरी तक मनाया गया था।[1] 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह' के तहत आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों की आधारभूत जानकारी मिलती है। आकस्मिक कारक के रूप में सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण से पता चलता है कि कुल सड़क दुर्घटनाओं में 78.7 प्रतिशत चालकों की गलती से होती हैं। इस गलती के पीछे शराब/मादक पदार्थों का इस्‍तेमाल, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना, वाहनों में जरुरत से अधिक भीड़ होना, वैध गति से अधिक तेज़ गाड़ी चलाना और थकान आदि होना है।

भारत में सड़क दुर्घटनाएँ

शहरीकरण और सड़क यातायात बढ़ने के कारण सड़कों पर सुरक्षा के मुद्दे और इनके समाधानों पर गंभीरता से विचार हो रहा है। दुनिया में भारत में सबसे अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में मर रहे हैं और इस कारण यह मुद्दा और भी गंभीर बन गया है। वर्ष 2011 में 4.97 लाख सड़क दुर्घटनाओं में 1.42 लाख से अधिक लोगों की जानें गई। यह संख्‍या भारत में प्रति मिनट एक सड़क दुर्घटना और प्रत्‍येक चार मिनट में सड़क दुर्घटना से होने वाली मौत का आंकड़ा दर्शाती है। वर्ष 2012 में इन आंकड़ों में कुछ कमी आई, जिसमें 4.90 लाख सड़क दुर्घटनाओं में 1.38 लाख लोगों की जानें गईं। फिर भी यह संख्‍या विचलित करने वाली है।[2]

दुर्घटना विश्लेषण

आकस्मिक कारक के रूप में सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण से पता चलता है कि कुल सड़क दुर्घटनाओं में 78.7 प्रतिशत[3] चालकों की गलती से होती हैं। इस गलती के पीछे शराब/मादक पदार्थों का इस्‍तेमाल, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना, वाहनों में जरुरत से अधिक भीड़ होना, वैध गति से अधिक तेज़ गाड़ी चलाना और थकान आदि होना है। चालकों की गलती को लगभग 80 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं का जिम्‍मेदार पाया गया है, इसलिए उन्‍हें जागरूक बनाना और यह महसूस कराना आवश्‍यक है कि जब वे क़ानून/उपायों का उल्‍लंघन करते हैं तो वे सड़कों पर हत्‍यारे बन जाते हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह (हिन्दी) इण्डिया सेलीब्रेटिंग। अभिगमन तिथि: 25 जनवरी, 2015।
  2. 2.0 2.1 2.2 2.3 भारत में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता (हिन्दी) आवाज ए हिन्द। अभिगमन तिथि: 25 जनवरी, 2015।
  3. 3,85,934 दुर्घटनाएं

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