रानी चेन्नम्मा  

रानी चेन्नम्मा
रानी चेन्नमा
पूरा नाम रानी चेन्नमा
जन्म 23 अक्तूबर, 1778 ई.
जन्म भूमि कित्तूर, कर्नाटक
मृत्यु 21 फरवरी, 1829 ई.
अभिभावक धूलप्पा और पद्मावती
पति/पत्नी राजा मल्लसर्ज
कर्म भूमि दक्षिण भारत
भाषा संस्कृत भाषा, कन्नड़ भाषा, मराठी भाषा और उर्दू भाषा
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी चेन्नम्मा ने लक्ष्मीबाई से पहले ही अंग्रेज़ों की सत्ता को सशस्त्र चुनौती दी थी और अंग्रेज़ों की सेना को उनके सामने दो बार मुँह की खानी पड़ी थी।

रानी चेन्नम्मा (अंग्रेज़ी:Rani Chennamma, जन्म- 23 अक्तूबर, 1778, कित्तूर, कर्नाटक; मृत्यु- 21 फरवरी, 1829 ई.) का दक्षिण भारत के कर्नाटक में वही स्थान है जो स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का है। चेन्नम्मा ने लक्ष्मीबाई से पहले ही अंग्रेज़ों की सत्ता को सशस्त्र चुनौती दी थी और अंग्रेज़ों की सेना को उनके सामने दो बार मुँह की खानी पड़ी थी।

परिचय

'चेन्नम्मा' का अर्थ होता है- 'सुंदर कन्या'। इस सुंदर बालिका का जन्म 23 अक्तूबर, 1778 ई. में दक्षिण के कित्तूर (कर्नाटक) नामक स्थान पर काकतीय राजवंश में हुआ था। पिता धूलप्पा और माता पद्मावती ने उसका पालन-पोषण राजकुल के पुत्रों की भाँति किया। उसे संस्कृत भाषा, कन्नड़ भाषा, मराठी भाषा और उर्दू भाषा के साथ-साथ घुड़सवारी, अस्त्र शस्त्र चलाने और युद्ध-कला की भी शिक्षा दी गई।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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