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रवि (संगीतकार) - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर

रवि (संगीतकार)  

रवि (संगीतकार)
रवि
पूरा नाम रवि शंकर शर्मा
जन्म 3 मार्च, 1926
जन्म भूमि दिल्ली
मृत्यु 7 मार्च, 2012
मृत्यु स्थान मुम्बई, महाराष्ट्र
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र भारतीय हिन्दी सिनेमा
मुख्य फ़िल्में ‘चौदहवीं का चांद’, ‘घराना’, ‘चाइना टाउन’, ‘गुमराह’, ‘ख़ानदान’, ‘व़क्त’, ‘दो बदन’, ‘फूल और पत्थर’, ‘हमराज’, ‘आंखें’, ‘नील कमल’, ‘एक फूल दो माली’, ‘निकाह’ आदि।
पुरस्कार-उपाधि फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार, पद्मश्री (1971), 'लता मंगेशकर पुरस्कार', 'कवि प्रदीप शिखर सम्मान'।
प्रसिद्धि फ़िल्म संगीतकार
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी रवि की किस्मत का सितारा वर्ष 1960 में प्रदर्शित गुरुदत्त की क्लासिक फ़िल्म 'चौदहवी का चांद' से चमका। बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फ़िल्म की कामयाबी ने रवि को बतौर संगीतकार फ़िल्म इंडस्ट्री में स्थापित कर दिया था।
अद्यतन‎

रवि शंकर शर्मा (अंग्रेज़ी: Ravi Shankar Sharma, जन्म- 3 मार्च, 1926, दिल्ली; मृत्यु- 7 मार्च, 2012, मुम्बई) हिन्दी फ़िल्मों में प्रसिद्ध संगीतकार थे। बतौर संगीत निर्देशक उन्होंने 1955 में फिल्म ‘वचन’ से अपना सफर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 50 से अधिक फिल्मों में संगीत दिया। रवि को उन लोगों में माना जाता है, जिन्होंने महेन्द्र कपूर और आशा भोंसले को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यदि हिन्दी फिल्मों के कुल 500 सुपर हिट गीतों को लिया जाए तो उनमें अकेले रवि के 100 से ज्यादा सुपर हिट गीत हैं और बाकी 400 सुपर हिट गीतों में 15 से ज्यादा संगीतकारों के नाम आते हैं। यह भी एक दिलचस्प बात है कि रवि की धुनों में रंगे गीत ब्याह-शादियों में गाए जाने वाले परंपरागत फिल्मी गीतों में सभी से ज्यादा लोकप्रिय हैं। 'आज मेरे यार की शादी है', 'डोली चढ़के दुल्हन ससुराल चली' और 'बाबुल की दुआएं लेती जा' जैसे फिल्मी गीत विवाह और बैंड बाजे वालों के भी प्रिय गीत हैं।

परिचय

भारतीय हिन्दी फ़िल्मों के ख्यातिप्राप्त संगीतकार रवि का जन्म 3 मार्च सन 1926 को दिल्ली में हुआ था। उनका पूरा नाम रवि शंकर शर्मा था। रवि ने संगीत की कोई औपचारिक शिक्षा नहीं ली थी, हालांकि उनकी दिली तमन्ना पार्श्व गायक बनने की थी। इलेक्ट्रीशियन के रूप में काम करते हुए रवि ने हारमोनियम बजाना और गाना सीखा। इसके बाद सन 1950 में वह मुंबई आ गए। संगीतकार हेमंत कुमार ने सबसे पहले उन्हें 1952 में फ़िल्म 'आनंद मठ' में ‘वंदे मातरम्’ गीत के लिए संगीत देने का मौका दिया।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. संगीतकार रवि ने होली से पहले दुनिया को कहा अलविदा (हिंदी) aajtak.intoday.in। अभिगमन तिथि: 19 मई, 2017।
  2. सुपर हिट धुनों के संगीतकार थे रवि (हिंदी) dainiktribuneonline.com। अभिगमन तिथि: 19 मई, 2017।
  3. 3.0 3.1 संगीतकार रविशंकर शर्मा यानि रवि (हिंदी) sameer-goswami.blogspot.in। अभिगमन तिथि: 19 मई, 2017।
  4. ‘लाई है हजारों रंग होली...’ के संगीतकार रवि नहीं रहे! (हिंदी) bhaskar.com। अभिगमन तिथि: 19 मई, 2017।
  5. महान संगीतकार रवि का निधन (हिंदी) theindiapost.com। अभिगमन तिथि: 19 मई, 2017।

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