रणथम्भौर क़िला  

रणथम्भौर क़िला
रणथम्भौर क़िला
विवरण 'रणथम्भौर क़िला' राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यह ऐतिहासिक क़िला राजस्थान की ऐतिहासिक घटनाओं तथा गौरव का प्रतीक है।
राज्य राजस्थान
ज़िला सवाईमाधोपुर
निर्माता चौहान वंशीय शासक
निर्माण काल आठवीं शताब्दी
भौगोलिक स्थिति यह क़िला 700 फुट की ऊंचाई पर तथा विंध्य पठार और अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित है।
प्रसिद्धि ऐतिहासिक पर्यटन स्थल
कब जाएँ अक्टूबर और अप्रैल के बीच।
हवाई अड्डा सांगानेर हवाई अड्डा (जयपुर)
रेलवे स्टेशन सवाई माधोपुर
क्या देखें रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान
संबंधित लेख राजस्थान, राजस्थान का इतिहास, चौहान वंश, राजस्थान पर्यटन
अन्य जानकारी विभिन्न ऐतिहासिक महत्त्व के ग्रंथों में रणथम्भौर का उल्लेख मिलता है। इतिहास में सर्वप्रथम इस क़िले पर चौहानों के आधिपत्य का उल्लेख मिलता है।

रणथम्भौर क़िला (अंग्रेज़ी: Ranthambore Fort) राजस्थान के सवाईमाधोपुर ज़िले में स्थित प्राचीन ऐतिहासिक एवं सामरिक महत्त्व के दुर्गों में अपना विशेष स्थान रखता है। यह अत्यंत विशाल पहाड़ी दुर्ग है। अपनी प्राकृतिक बनावट के कारण यह काफ़ी प्रसिद्ध है। यद्यपि यह दुर्ग ऊँची पहाड़ियों के पठार पर बना हुआ है, परंतु प्रकृति ने इसे अपने अंक में इस तरह भर लिया है कि मुख्य द्वार पर पहुँचकर ही इस दुर्ग के दर्शन किये जा सकते हैं। इस दुर्ग के प्राचीर से काफ़ी दूर तक शत्रु पर निगाह रखी जा सकती थी। यह क़िला चारों ओर सघन वनों से आच्छादित चम्बल की घाटी पर नियंत्रण रखता था।

इतिहास

रणथम्भौर क़िला राजस्थान में ऐतिहासिक घटनाओं एवं बहादुरी का प्रतीक है। इस क़िले के निर्माता का नाम अनिश्चित है, किन्तु इतिहास में सर्वप्रथम इस पर चौहानों के अधिकार का उल्लेख मिलता है। सम्भव है कि राजस्थान के अनेक प्राचीन दुर्गों की भाँति इसे भी चौहानों ने ही बनवाया हो। जनश्रुति है कि प्रारम्भ में इस दुर्ग के स्थान के निकट 'पद्मला' नामक एक सरोवर था। यह इसी नाम से आज भी क़िले के अन्दर ही स्थित है। इसके तट पर पद्मऋषि का आश्रम था। इन्हीं की प्रेरणा से जयंत और रणधीर नामक दो राजकुमारों ने जो कि अचानक ही शिकार खेलते हुए वहाँ पहुँच गए थे, इस क़िले को बनवाया और इसका नाम 'रणस्तम्भर' रखा। क़िले की स्थापना पर यहाँ गणेश जी की प्रतिष्ठा की गई थी, जिसका आह्वान राज्य में विवाहों के अवसर पर किया जाता है।
रणथंभौर क़िले से रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान का दृश्य

निर्माण

राजस्थान के इतिहास में कई ऐतिहासिक घटनाओं के साक्षी रहे रणथम्भौर क़िले के निर्माण का समय एवं निर्माता के बारे में निश्चित जानकारी नहीं है। सामान्यतः यह माना जाता है कि इस क़िले का निर्माण आठवीं शताब्दी में हुआ था। ग्यारहवीं-बारहवीं शताब्दी तक इस क़िले की प्रसिद्धि इतनी फैल चुकी थी कि तत्कालीन समय के विभिन्न ऐतिहासिक महत्त्व के ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है। इतिहास में सर्वप्रथम इस क़िले पर चौहानों के आधिपत्य का उल्लेख मिलता है। यह सम्भव है कि चौहान शासक रंतिदेव ने इसका निर्माण करवाया हो।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. रणथम्भौर का किला, जहाँ भगवान के लिए आती है डाक (हिन्दी) पल-पल इण्डिया। अभिगमन तिथि: 21 मई, 2015।

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